सुलतानपुर। भारतीय सब्जी-फल मंडी अमहटऋ में सफाई और अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर व्यापारियों के आक्रोश के बाद ऋउप जिलाधिकारी गरिमा सोनकियाऋ ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मंडी सचिव और बड़े बाबू को तलब कर फटकार लगाई और कूट रचित तरीके से टेंडर देने का प्रयास करने पर टेंडर निरस्त करने के निर्देश दिए।
व्यापारियों का आरोप है कि पिछले 6 महीनों से मंडी में सफाई का ठेका नहीं हुआ। जब टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई तो मंडी सचिव और बड़े बाबू की मिलीभगत से उसी फर्म को दोबारा ठेका देने का प्रयास किया गया, जिसने पहले कभी ठीक से सफाई नहीं की और जिसका टेंडर समाप्त होने के बाद भी उससे काम कराया गया।
अध्यक्ष मोहम्मद शमीम उर्फ लईयाऋ ने बताया कि 10 अगस्त को उप जिलाधिकारी ने मंडी निरीक्षण के दौरान उनके सामने टेंडर खुलवाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद अधिकारियों ने निर्देश की धज्जियां उड़ाते हुए उसी फर्म के नाम कूट रचित ढंग से ठेका दे दिया।
इस पर उप जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा - ऋष्जब मंडी में सफाई नहीं तो भुगतान भी नहीं होगा और टेंडर निरस्त करने की बात कही।
व्यापारियों ने उप जिलाधिकारी को बताया कि हल्की बारिश में ही मंडी परिसर में जलभराव हो जाता है। नालियां चोक हैं, शौचालय जर्जर और बदबूदार हैं तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। जलभराव से फल-सब्जियां खराब हो रही हैं जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मंडी लाइसेंस जारी करने के नाम पर मंडी निरीक्षकों द्वारा निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक वसूली की जा रही है।
इससे पहले 7 अगस्त को उद्योग बंधु की बैठक में ऋभारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने जिलाधिकारी के समक्ष मंडी की समस्याएं उठाई थीं। जिलाधिकारी के निर्देश पर 10 अगस्त को उप जिलाधिकारी ने मंडी का स्थल निरीक्षण कर व्यापारियों से बैठक भी की थी।
आज प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठीऋ और अध्यक्ष मोहम्मद शमीमऋ के नेतृत्व में व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी से फिर मुलाकात की।
उप जिलाधिकारी गरिमा सोनकिया ने कहा कि मंडी की सभी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा - ऋष्व्यापारी निश्चिंत होकर व्यापार करें। कोई समस्या हो तो सीधे मेरे कार्यालय में आएं।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ऋव्यापारी-किसान विश्रामालय को साफ-सुथरा व सुसज्जितऋ कराया जाएगा और ऋकैंटीन को पुनः चालू करवाया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में मोनू भाई, मोहम्मद फुरकान, महामंत्री मोहम्मद नसीम, मुकेश सोनकर, मोहम्मद सिद्दीकी, पप्पू सहित अन्य व्यापारी उपस्थित रहे।
