अमेठीः गौरीगंज पुलिस व एसओजी टीम का गुडवर्क! आंखें फोडी...प्राइवेट पार्ट काटा...फिर कर दिया निर्मम हत्या, मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार
August 04, 2026
गौरीगंज/अमेठी। गौरीगंज पुलिस ने हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। बेटी की लव मैरिज से खफा परिवारवालों ने दामाद की गला रेतकर हत्या कर दी। उसकी आंखें फोड़ दीं और प्राइवेट पार्ट काट दिया। वहीं बेटे की चीख-पुकार सुनकर उसके परिवारवाले मौके पर पहुंचे। दरवाजा खटखटाया, लेकिन किसी ने नहीं खोला। इसके बाद पुलिस को सूचना देकर बुलाया। जब तक पुलिस पहुंची, लड़की के परिवारवाले भाग चुके थे। घर के अंदर कमरे से बेटे का शव मिला। वही पुलिस ने 24 त्वरित कार्यवाही करतक हुए लड़की के चाचा-चाची और दादी-बाबा पर केस दर्ज कर चाची और दादी-बाबा को गिरफ्तार भी कर लिया। वहीं, चाचा सुकई यादव पुत्र रामसुन्दर यादव को मंगलवार को पुलिस ने पैर में गोली मारकर पकड़ लिया। आपको बतादे कि जानकारी के मुताबिक पूरे मान सिंह के वार्ड नंबर-17 के रहने वाले कल्लू कश्यप के परिवार में पत्नी के अलावा बेटा अंकित कश्यप (22) था। कल्लू के घर से करीब 50 मीटर दूर हौसला यादव का घर है। हौसला की इकलौती बेटी श्वेता का अंकित से अफेयत हो गया था। करीब 3 साल पहले श्वेता और अंकित ने घर से भगाकर लव मैरिज कर ली थी, इसके बाद श्वेता के घरवालों ने बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसके बाद पुलिस ने श्वेता और अंकित को बरामद कर लिया था। श्वेता बालिग थी। उसने पति अंकित के साथ रहने की जिद की। इसके बाद दोनों ने घर छोड़ दिया और दिल्ली में जाकर रहने लगे। दिल्ली में अंकित प्राइवेट जॉब करता था। वहीं पर किराए का कमरा लेकर रहता था। अंकित और श्वेता के 2 बेटे हैं। बड़े बेटे की उम्र 2 साल और छोटे की एक साल है। बताया जाता है कि शुक्रवार (31 जुलाई) को अंकित पत्नी श्वेता और दोनों बच्चों को दिल्ली में छोड़कर अपने घरवालों से मिलने अमेठी आया था। सोमवार की रात उसे वापस दिल्ली जाना था। इसके लिए वह शाम को बाजार से कुछ सामान लेने गया था। वही रात करीब 8.30 बजे जब अंकित बाजार से लौटा, तो श्वेता के चाचा सुखई, बाबा सुंदर (60), दादी और चचेरे भाई ने घेरकर उसको पकड़ लिया। उसे घसीटकर अपने घर ने गए। एक कमरे में बंद कर जमकर लात-घूसों से पीटा। फिर उसकी आंखें फोड़ दी। इसके बाद प्राइवेट पार्ट काट दिया। फिर उसका गला रेत दिया। अंकित की चीख-पुकार सुनकर उसके घरवाले मौके पर पहुंचे, तो श्वेता के घरवाले पिछले दरवाजे से भाग गए। घरवाले खून से लथपथ पड़े अंकित को गंभीर हालत में पहले जिला अस्पताल ले गए। लेकिन, अंकित की हालत नाजुक देखकर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ लाते समय अंकित ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
