BCI चीफ मनन मिश्रा के खिलाफ CJP और वकीलों का प्रदर्शन
August 20, 2026
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में वकीलों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में वकीलों ने NALSAR विवाद के साथ-साथ BCI की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और देशभर के अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए. प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी का भी समर्थन मिला है. वहीं, प्रतिष्ठित बॉम्बे बार एसोसिएशन ने भी मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है. प्रदर्शन को देखते हुए BCI कार्यालय के आसपास पुलिस की तैनाती की गई है.
दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया के कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान ‘Resign BCI Chairman’, ‘14 साल का कार्यकाल, वकीलों का हाल बेहाल’, ‘We’re representing everyone, who is representing us?’ और ‘तानाशाही खत्म करो’ जैसे नारे लगाए गए.
वकीलों का कहना है कि यह किसी राजनीतिक संगठन का आंदोलन नहीं, बल्कि वकीलों की अपनी शीर्ष संस्था के खिलाफ आवाज है. उनका कहना है कि BCI में जो कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाना चाहिए और वकीलों से जुड़े जायज मुद्दों पर संस्था को मजबूती से आवाज उठानी चाहिए.
प्रदर्शन में शामिल एडवोकेट रमन शर्मा ने कहा कि अगर कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन को समर्थन दिया है तो यह अच्छी बात है, लेकिन इस मुद्दे पर वकीलों को भी अपने स्तर पर विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह वकीलों का अपनी शीर्ष संस्था के खिलाफ आंदोलन है और इसका मकसद संगठन की कमियों को दूर कराना और वकीलों की जायज मांगों को सामने रखना है.
प्रदर्शन में शामिल वकीलों ने बेरोजगारी और काम की कमी का मुद्दा भी उठाया. उनका कहना है कि बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ताओं के पास पर्याप्त काम नहीं है और उन्हें आर्थिक एवं पेशेवर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वकीलों का कहना है कि BCI को युवा अधिवक्ताओं की समस्याओं, स्टाइपेंड और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर भी गंभीरता से काम करना चाहिए था.
प्रदर्शन में NALSAR के छात्रों और युवा वकीलों से जुड़े विवाद को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली. एक प्रदर्शनकारी वकील ने आरोप लगाया कि NALSAR के छात्रों और युवा वकीलों को जिस तरह धमकाया गया, वह गलत है. वकील ने कहा कि मनन कुमार मिश्रा से उम्मीद थी कि वह वकीलों के हितों की बात करेंगे, लेकिन उनके मुताबिक इसके उलट वकील एकता को कमजोर करने का काम हुआ है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकीलों और युवा अधिवक्ताओं के बीच भी इस मुद्दे को लेकर नाराजगी है.
एडवोकेट सत्यम ने कहा कि जवाबदेही तय करने के लिए इस्तीफा जरूरी है. उन्होंने कहा कि सिर्फ माफी मांग लेना पर्याप्त नहीं है और इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. एक अन्य वकील ने कहा कि यह भी साफ होना चाहिए कि संबंधित पत्र BCI चेयरमैन ने अपनी मर्जी से जारी किया था या पूरी बार काउंसिल की सहमति से. उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता की मांग की.
गौरव बिश्नोई ने बार काउंसिल के सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें सामने आकर BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है और वकीलों के हितों के लिए आवाज उठानी चाहिए. संगप्रीत सिंह ने भी मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि NALSAR से जुड़े मुद्दे को देखते हुए चेयरमैन को इस्तीफा दे देना चाहिए.
आरपी सिंह ने BCI की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मनन कुमार मिश्रा को पद पर करीब 14 साल हो चुके हैं, लेकिन वकीलों के लिए क्या किया गया, यह बड़ा सवाल है. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कोई वकील BCI कार्यालय में अपनी समस्या लेकर पहुंचता है तो कई बार उसे संबंधित अधिकारी या प्रतिनिधि तक नहीं मिल पाता. फोन करने पर भी जवाब नहीं मिलने की शिकायत उन्होंने की. आरपी सिंह ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से युवा वकील BCI आते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलतीं. उन्होंने कहा कि न तो स्टाइपेंड मिलता है और न ही जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं. उन्होंने मनन कुमार मिश्रा से यह भी सवाल किया कि अगर वह BCI के चेयरमैन थे तो राज्यसभा के सदस्य क्यों बने.
रमन शर्मा, जो बार काउंसिल से जुड़े सदस्य हैं, ने वकीलों के खिलाफ होने वाली हिंसा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि जब अलग-अलग वर्ग अपने लोगों के पक्ष में आवाज उठाते हैं तो वकीलों के प्रतिनिधियों को भी अपने समुदाय के साथ खड़ा होना चाहिए.
