Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

नाग पंचमी के दिन करें इन 4 चमत्कारी मंत्रों का जप, रोग-दोष से हो सकते हैं मुक्त


हर साल श्रावण माह में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस साल 17 अगस्त को यह पर्व मनाया जाएगा। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है और साथ ही भगवान शिव का पूजन करना भी इस दिन शुभ माना जाता है। इसके साथ ही नाग पंचमी के पावन दिन पर कुछ मंत्रों का जप करने से आपको कालसर्प दोष, विष योग (चंद्र-शनि युति से कुंडली में बनता) से मुक्ति मिल सकती है। वहीं आरोग्य की भी आप प्राप्ति कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन मंत्रों के बारे में।
नाग पूजा मंत्र

सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।

ये च हेलिमरीचिस्था येन्तरे दिवि संस्थिता:।।
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।
ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।

नाग पंचमी के दिन नाग देवता को प्रसन्न करने के लिए आपको नाग पूजा मंत्र का जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से आपको नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही सर्प दंश के भय से भी आप मुक्त हो सकते हैं।
कालसर्प दोष निवारण मंत्र

ॐ क्रौं नमो अस्तु सर्पेभ्यो कालसर्प शांति कुरु कुरु स्वाहा।
ॐ नमोस्तु सर्पेभ्यो ये के च पृथिवीमनु ये अन्तरिक्षे ये दिवि तेभ्यः सर्पेभ्यो नम:।।

जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष का साया है उनको नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से आपको कालसर्प दोष से तो मुक्ति मिलती ही है साथ ही करियर के क्षेत्र में भी आप उन्नति कर सकते हैं। यह मंत्र कई कष्टों से आपको मुक्ति दिला सकता है।
शिव नागेंद्रहाराय मंत्र

ॐ नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांगरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मै नकाराय नमः शिवाय।।

इस मंत्र का जप भगवान शिव के नाग स्वरूप को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। नाग पंचमी के पावन दिन पर नागों के पूज्य भगवान शिव के इस मंत्र का जप करने से आपको हर प्रकार के रोग-दोष से मुक्ति मिल सकती है। आपको भोलेनाथ और नाग देवता दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
नाग गायत्री मंत्र

ॐ नागाय विद्महे विशदेवाय धीमहि तन्नः सर्पः प्रचोदयात्।

नाग पंचमी के दिन नाग गायत्री मंत्र का जप करने से आपको मानसिक शांति मिलती है और आपकी मनोकामनाओं को नाग देवता पूरा कर सकते हैं। इस मंत्र का जप आपको कम से कम 108 बार करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से राहु-केतु से जुड़े बुरे प्रभाव भी दूर हो सकते हैं।

नाग पंचमी के दिन ऊपर दिए गए मंत्रों का जप करने से तो आपको बेहद शुभ फल मिलते हैं लेकिन नाग पंचमी पर आपको क्या कार्य नहीं करने चाहिए, इसके बारे में विस्तार से आप हमारी वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |