लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (यूपीएएएम) द्वारा आयोजित व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत शनिवार को 38 प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने नगर निगम लखनऊ की व्यवस्थाओं का व्यावहारिक अध्ययन किया। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर कर निर्धारण अधिकारी नंद किशोर को नोडल अधिकारी नामित किया गया था।
मॉडल वार्ड (जोन-4) अंतर्गत प्रातः 06रू30 बजे डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और वेस्ट सेग्रीगेशन की प्रक्रिया समझी।भैंसौरा ट्रांसफर स्टेशन पहुंचकर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और कचरा हस्तांतरण की व्यवस्था का जायजा लिया।भरवारा एसटीपी मे जलकल विभाग के अधिकारियों से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली जानी। यूपी दर्शन पार्क अंतर्गत श्वेस्ट-टू-वंडरश् अवधारणा के तहत कचरे के रचनात्मक पुनः उपयोग के मॉडल को देखा। इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) मे हाई-टेक मॉनिटरिंग और नगरीय सेवाओं के संचालन का अवलोकन किया। जोन-3 कार्यालय मे कर निर्धारण एवं राजस्व प्रणाली पर आधारित प्रस्तुति देखी।तथा ऐशबाग वाटर ट्रीटमेंट प्लांट मे जल शोधन और शहर में पेयजल आपूर्ति की तकनीकी बारीकियों को समझा।
नोडल अधिकारी नंद किशोर ने समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षु अधिकारियों को नगर निगम की विभिन्न परियोजनाओं और ग्राउंड-लेवल कार्यप्रणाली से अवगत कराया।
