पीलीभीत। शहर के गांधी स्टेडियम रोड स्थित एक निजी अस्पताल में विगत दिवस सोमवार को उपचार के दौरान 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकीय स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर किसी तरह शांत कराया। मामले को लेकर अस्पताल में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिलगवा निवासी 60 वर्षीय गंगा देवी पत्नी सुखी राम की सोमवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत खराब होने पर उनका पुत्र राजेश कुमार और पौत्र प्रमोद कुमार उन्हें थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के गांधी स्टेडियम रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद काफी देर तक महिला को समुचित उपचार नहीं मिला। दोपहर करीब तीन बजे तक महिला की हालत बिगड़ती रही। परिजनों के मुताबिक उन्होंने कई बार अस्पताल स्टाफ से मरीज को चिकित्सक को दिखाने का आग्रह किया। आरोप है कि इमरजेंसी में चिकित्सक को दिखाने के नाम पर उनसे 1200 रुपये जमा कराए गए।
रुपये जमा करने के कुछ समय बाद चिकित्सक ने महिला की जांच की और उसकी हालत गंभीर बताते हुए करीब 25 हजार रुपये कीमत का इंजेक्शन मंगाने को कहा। परिजनों ने किसी तरह इंजेक्शन की व्यवस्था कराई और उसे महिला को लगवाया गया। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद गंगा देवी की हालत और ज्यादा बिगड़ गई। कुछ समय बाद महिला ने दम तोड़ दिया।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने चिकित्सक व अस्पताल स्टाफ पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना मिलते ही थाना सुनगढ़ी पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई, इसमें चिकित्सकीय लापरवाही थी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
