पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश को 17,900 करोड़ के प्रोजेक्ट की दी सौगात! भोगपुरम एयरपोर्ट का उद्घाटन
August 01, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विजयनगरम स्थित भोगपुरम में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उनका उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि एयरपोर्ट के साथ-साथ यह परियोजनाएं आंध्र की रोड कनेक्टिविटी से भी जुड़े हैं। इनमें ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाएं भी हैं। यह विकास कार्य इस बात के प्रतीक हैं कि इस समय आंध्र किस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है.
पीएम मोदी ने विजयनगरम स्थित भोगपुरम एयरपोर्ट का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि अल्लूरी सीताराम राजू जी ने जिस धरती पर आदिवासी हितों के लिए अपना जीवन समर्पित किया, आज उसी धरती पर आंध्र प्रदेश के एक नए एयरपोर्ट की शुरुआत हो रही है। यह एयरपोर्ट आंध्र प्रदेश और उत्तर आंध्र की ग्रोथ का रनवे है। ये आंध्र प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य का ल़ॉन्चपैड है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले जब एयरपोर्ट बनते थे, तो एयरपोर्ट के नाम एक ही परिवार के नाम पर चढ़ जाते थे। हमने इस परंपरा को बदला। हमने अयोध्या में एयरपोर्ट का नाम वाल्मीकि के नाम से जोड़ा। हमने पंजाब में संत रविदास जी के नाम से एयरपोर्ट का नाम जोड़ा और केंद्र की NDA सरकार ने ये निर्णय किया है कि इस नए एयरपोर्ट का नाम श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश ब्लू इकोनॉमी को लगातार मजबूत कर रहा है। हमारा विजन है कि ये पूरा क्षेत्र कोस्टल इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो। इसी लक्ष्य के साथ, विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टनम तक हमारे पुराने पोर्ट्स को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा मुलापेटा और रामायापट्टनम में, हम नए पोर्ट्स भी बना रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे टैलेंटेड युवाओं की प्रतिभा का लाभ आंध्र प्रदेश और देश को ज्यादा से ज्यादा मिले, ये आवश्यक है। इसके लिए हमारा फोकस अब सेमीकंडक्टर जैसी futuristic tech industry पर है। विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास, इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज का ये आयोजन नया इतिहास, नया रिकॉर्ड, रचने का भी है। आज एक ओर विकास के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, साथ ही ढिमसा डांस का सास्कृतिक रिकॉर्ड भी रचा गया है। 13 हजार से ज्यादा आदिवासी बहनों और बेटियों की प्रस्तुति, उनका उत्साह, उनका अनुशासन और आदिवासी संस्कृति का गौरव... ये दृश्य वाकई अद्भुत था। इसमें देश की विविधता की झलक भी थी, और पीढ़ी दर पीढ़ी सहेजकर रखी गई जनजातीय विरासत भी थी। मैं इस प्रस्तुति के लिए आप सभी का, और विशेष रूप से मेरी आदिवासी बहनों-बेटियों का बहुत बहुत अभिनंदन करता हूं।
