श्रावण मास में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पीलीभीत पुलिस की विशेष पहल, मिशन शक्ति केन्द्र बने भरोसे का सहारा
पीलीभीत। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहायता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा किए गए विशेष इंतजाम प्रभावी साबित हो रहे हैं। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देशन में जनपद के प्रमुख शिव मंदिरों, कांवड़ मार्गों और श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर स्थापित किए गए 16 अस्थायी मिशन शक्ति केन्द्र लगातार श्रद्धालुओं के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। इन केन्द्रों पर तैनात महिला पुलिस कर्मी महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षा, मार्गदर्शन और त्वरित सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
सोमवार को श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर गौरी शंकर मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसी दौरान दो महिला श्रद्धालुओं के छोटे-छोटे बच्चे मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ के बीच उनसे बिछड़ गए। बच्चों के अचानक लापता होने से परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। घबराए परिजनों ने तत्काल मंदिर परिसर में स्थापित अस्थायी मिशन शक्ति केन्द्र पर पहुंचकर महिला पुलिस को घटना की जानकारी दी।सूचना मिलते ही मिशन शक्ति केन्द्र पर तैनात महिला पुलिस कर्मियों एवं महिला थाना पुलिस ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने बच्चों का हुलिया और अन्य आवश्यक जानकारी लेकर मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्गों सहित आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाश अभियान चलाया। साथ ही ड्यूटी पर मौजूद अन्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वायरलेस के माध्यम से सूचना देकर खोज अभियान को और तेज किया गया।
महिला पुलिस टीम की तत्परता, संवेदनशीलता और समन्वित प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि कुछ ही समय में दोनों बच्चों को सकुशल खोज लिया गया। पहचान की पुष्टि करने के बाद बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने पुलिस और मिशन शक्ति टीम का आभार व्यक्त करते हुए महिला पुलिस की सक्रियता, मानवीय व्यवहार और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा और श्रावण मास के दौरान स्थापित मिशन शक्ति केन्द्र केवल महिला सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भीड़ में बिछड़े बच्चों एवं व्यक्तियों को परिजनों से मिलाने, महिलाओं की शिकायतों का तत्काल निस्तारण करने, जरूरतमंद श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का कार्य भी प्रभावी ढंग से कर रहे हैं।श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस पूरे जनपद में सतर्कता के साथ ड्यूटी निभा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के समापन तक सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद रहेगी और प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा तथा निर्बाध दर्शन सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेंगे।
