बरखेड़ा। बरखेड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत दियोहना में कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर गुरुवार को आयोजित बैठक कोरम पूरा न होने के कारण निरस्त कर दी गई। बैठक उच्च प्राथमिक विद्यालय दियोहना में आयोजित की गई थी। अब जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद चयन प्रक्रिया के लिए अगली तारीख निर्धारित की जाएगी।जानकारी के अनुसार फरवरी में ग्राम पंचायत दियोहना के गांव पिपराही में राशन की दुकान संचालक ऋषिपाल की दुकान कालाबाजारी के आरोप में निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद ग्राम पंचायत में फिलहाल एक ही दुकान से राशन वितरण किया जा रहा है।
दियोहना ग्राम पंचायत बरखेड़ा विकासखंड की बड़ी ग्राम पंचायतों में शामिल है। इसके अंतर्गत दियोहना, आमडंडा, पिपराही, हिम्मतपुर, जयनगर, बल्देवपुर और पट्टी समेत सात गांव आते हैं। बड़ी आबादी और क्षेत्रफल को देखते हुए यहां दो राशन की दुकानों का निर्धारण किया गया था, लेकिन करीब छह माह पहले एक दुकान निरस्त हो गई थी। इसी रिक्त दुकान के आवंटन के लिए बैठक बुलाई गई थी। बैठक में बरखेड़ा ब्लॉक के एडीओ, इशरार अहमद डीएनएस, ग्राम पंचायत सचिव रमावीर और प्रधान पति प्यारे लाल गंगवार मौजूद रहे।
शासनादेश के अनुसार कोटे की दुकान का आवंटन स्वयं सहायता समूह को किया जाना है। दियोहना में वर्तमान में 11 स्वयं सहायता समूह संचालित होने की जानकारी दी गई, जिनमें 10 निष्क्रिय हैं। केवल शिव स्वयं सहायता समूह सक्रिय है। इस समूह में 12 सदस्य हैं, जिनमें छह ओबीसी और छह अनुसूचित जाति वर्ग से हैं।
बैठक में बताया गया कि नियमानुसार अनुसूचित जाति वर्ग की सदस्य संख्या ओबीसी से अधिक होनी चाहिए। वर्तमान स्थिति में यह शर्त पूरी नहीं होने के कारण चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद सभी 11 स्वयं सहायता समूहों के नाम जिलाधिकारी के अनुमोदन के लिए भेज दिए गए हैं। जिलाधिकारी से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद कोटे की दुकान के चयन के लिए बैठक की अगली तारीख निर्धारित की जाएगी।
