मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की छापेमारी, 8 किलो प्रतिबंधित वन उपज व तराजू-बाट बरामद, रेंज केस दर्ज
पीलीभीत। जनपद में प्रतिबंधित वन उपज की अवैध खरीद-फरोख्त पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जनपद रेंज की टीम ने रेलवे स्टेशन चैराहे के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित वन उपज श्कटरूआश् की अवैध बिक्री का भंडाफोड़ किया। छापेमारी के दौरान चार लोगों को मौके से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब आठ किलोग्राम प्रतिबंधित वन उपज और बिक्री में प्रयुक्त तराजू-बाट बरामद किए गए। कार्रवाई के बाद वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध रेंज केस दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन एवं वन्यजीव प्रभाग, पीलीभीत के क्षेत्रीय वन अधिकारी के निर्देशन में गठित टीम को मंगलवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन चैराहे के आसपास कुछ लोग प्रतिबंधित वन उपज कटरूआ की खुलेआम बिक्री कर रहे हैं। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।छापेमारी के दौरान टीम ने चार लोगों को प्रतिबंधित वन उपज बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य सक्सेना पुत्र बब्लू सक्सेना निवासी बरहा थाना सुनगढ़ी, बब्लू मौर्या पुत्र ईश्वरी प्रसाद मौर्या निवासी छोटा खुदागंज थाना कोतवाली, जितेंद्र पुत्र बेगराज निवासी बरहा थाना सुनगढ़ी तथा सतीश कुमार पुत्र बाबूराम निवासी बरहा थाना सुनगढ़ी के रूप में हुई है।वन विभाग की तलाशी में आरोपियों के पास से लगभग 8 किलोग्राम प्रतिबंधित वन उपज श्कटरूआश् बरामद हुई। इसके अलावा बिक्री में उपयोग किए जा रहे 8 तराजू-बाट भी मौके से जब्त किए गए। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर सभी आरोपियों को अभिरक्षा में लिया गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित वन उपज का बिना अनुमति संग्रहण, परिवहन और बिक्री वन कानूनों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग का उद्देश्य वन संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी रोक लगाना और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित करना है।
इस पूरे प्रकरण में रेंज केस संख्या-75ध्2026-27 को दर्ज किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध संबंधित वन अधिनियम की धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में प्रतिबंधित वन उपज की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ आगे भी नियमित रूप से अभियान चलाया जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी वन उपज की अवैध कटाई, परिवहन या बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
