पीलीभीत। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल में मंगलवार को प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विविध रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बाघ संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।
कार्यक्रम के तहत प्ले ग्रुप से यूकेजी तक के नन्हे बच्चों के लिए टाइगर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चे आकर्षक बाघ की वेशभूषा में नजर आए। कक्षा एक एवं दो के विद्यार्थियों ने बाघ दिवस पर भाषण और कविता प्रस्तुत कर वन्यजीव संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। वहीं कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों ने टाइगर हेडबैंड, हैंडबैंड और रिस्टबैंड बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण एवं वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति, सूक्ष्म मोटर कौशल, आत्मविश्वास और एकाग्रता का भी विकास हुआ। बच्चों को बताया गया कि बाघ भारत की प्राकृतिक धरोहर होने के साथ-साथ पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।विद्यालय की अध्यक्षा डॉ. सोनिया गोस्वामी ने कहा कि बच्चों में बचपन से ही पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के संस्कार विकसित करना समय की आवश्यकता है। प्रबंधक निशांत गोस्वामी ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में सामाजिक उत्तरदायित्व और प्रकृति के प्रति प्रेम की भावना विकसित करती हैं। प्रधानाचार्या जया घोष ने सफल आयोजन के लिए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण और रचनात्मक सोच से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय की हेड्स विष्णुप्रिया, अभिनव, प्रियंका शुक्ला एवं खुशबू का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी विद्यार्थियों ने ष्सेव टाइगर, सेव नेचरष् का संकल्प लेकर वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया।
