जहानाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध तलवार, सव्वल और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद
पीलीभीत। जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना जहानाबाद पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक वारदात होने से पहले ही उसे विफल कर दिया। पुलिस ने रेलवे ओवरब्रिज के नीचे चोरी की योजना बना रहे चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक कार, अवैध तलवार, मोबाइल फोन, टॉर्च तथा चोरी में प्रयुक्त होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान 29ध्30 जुलाई की रात थाना जहानाबाद पुलिस को सूचना मिली कि खेरुआ रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज के नीचे कुछ संदिग्ध व्यक्ति एक कार में बैठकर चोरी की योजना बना रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर चारों आरोपियों को घेराबंदी कर दबोच लिया।गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान अल्ताफ पुत्र मोहम्मद अहमद निवासी ग्राम गरगड्या, थाना देवरनिया जनपद बरेली, खुर्शीद पुत्र निजामुद्दीन निवासी सरौली कला थाना पुलभट्टा जनपद ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड), अशोक पुत्र हरचरन लाल तथा राजीव पुत्र चन्द्रपाल निवासी ग्राम सहगवा नगरिया थाना जहानाबाद जनपद के रूप में हुई है।तलाशी के दौरान पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक कार, दो मोबाइल फोन, दो टॉर्च, एक अवैध तलवार, एक सव्वल तथा ताले तोड़ने और चोरी करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए। बरामदगी के आधार पर थाना जहानाबाद में मुकदमा अपराध संख्या 283ध्2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 312, 313 एवं 4ध्25 आर्म्स एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया है।पूछताछ में अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि उनका गिरोह रात के समय हाईवे किनारे खड़े ट्रकों से बैटरियां चोरी करता था। इसके अलावा खेतों में लगे डीजल इंजनों के महंगे पार्ट निकालकर अज्ञात कबाड़ियों को बेच देता था। जब ऐसे मौके नहीं मिलते थे तो बंद पड़े मकानों और दुकानों के ताले तोड़कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय अशोक और राजीव ने बरेली और ऊधम सिंह नगर से अल्ताफ तथा खुर्शीद को प्रत्येक वारदात के लिए एक-एक हजार रुपये देने का लालच देकर बुलाया था। चारों आरोपी रेलवे ओवरब्रिज के नीचे बैठकर अगली चोरी की योजना बना रहे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर उनकी योजना को विफल कर दिया।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इनका संबंध किसी बड़े चोरी गिरोह से तो नहीं है और पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं में इनकी संलिप्तता रही है या नहीं। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद सभी अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
