लंभुआ/सुल्तानपुर।विकासखंड लंभुआ की ग्राम पंचायत भतेड़ा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मनरेगा कार्यों के तहत नागरिक सूचना बोर्ड (सीआईबीध्डिस्प्ले बोर्ड) के भुगतान को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। साइड पर उपलब्ध अभिलेखों में एक ही कार्य के लिए दो-दो और तीन-तीन बिल दर्ज होने की प्रविष्टियां सामने आने के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ’उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार ष्पिच रोड से मदरसा तक सीसी रोड निर्माणष् कार्य में गीता आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह के नाम से ₹4,800-₹4,800 के तीन बिल दर्ज हैं। इनमें एक बिल 1 अप्रैल 2025 तथा दो बिल 6 अप्रैल 2025 की तिथि के बताए गए हैं। आरोप है कि दो प्रविष्टियों में एक ही बिल नंबर दर्ज है, जबकि तीसरी प्रविष्टि में अलग बिल नंबर अंकित किया गया है’।
इसी प्रकार ष्अजीमुल्ला के घर से दिलशाद के घर तक खडजा एवं मिट्टी कार्यष् में भी नागरिक सूचना बोर्ड के नाम पर ₹4,800-₹4,800 के दो बिल दर्ज होने की बात सामने आई है। इनमें एक बिल 1 अप्रैल 2025 तथा दूसरा 6 अप्रैल 2025 का दर्शाया गया है’।
ग्रामीणों का कहना है कि सामान्यतः प्रत्येक कार्यस्थल पर एक ही नागरिक सूचना बोर्ड लगाया जाता है। उनका आरोप है कि संबंधित कार्यस्थलों पर बोर्ड दिखाई नहीं दिया, ऐसे में एक ही कार्य के लिए बार-बार बिल दर्ज होना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उनका कहना है कि यदि यह केवल अभिलेखीय त्रुटि नहीं है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो तत्कालीन एपीओ मनरेगा, ब्लॉक मनरेगा स्टाफ, संबंधित ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधान की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि अभिलेखों, बिलों, भुगतान विवरण तथा कार्यस्थल पर लगाए गए नागरिक सूचना बोर्ड का भौतिक सत्यापन कराया जाए।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस मामले में ब्लॉक के अधिकारियों कर्मचारियों का पक्ष सामने नहीं आया है उनका पक्ष आने के बाद प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
