रुद्रपुर। ष्आरक्षण हमारा अधिकारष् जनआंदोलन के लगातार 81 दिन पूर्ण होने के अवसर पर बंगाली समाज के अधिकारों को लेकर गांव-गांव जनसंपर्क और विचार गोष्ठियों का अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में ग्राम सभा शिवपुरी-जाफरपुर क्षेत्र में बंगाली समाज की एक विशाल बैठक आयोजित की गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चों ने भाग लेकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
बैठक में मुख्य रूप से आंदोलन के 100 दिन पूर्ण होने पर विशाल रैली निकालते हुए जिला मुख्यालय का घेराव करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार बंगाली समाज की वर्षों पुरानी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक बनाया जाएगा।
बैठक के दौरान बंगाली समाज की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें बंगाली समाज को आरक्षण प्रदान करना, बांग्ला भाषा को उचित सम्मान एवं शिक्षा व्यवस्था में स्थान देना, बांग्ला भवन की स्थापना, विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था तथा हरिचंद-गुरुचंद ठाकुर कोष को बढ़ाकर ₹50 करोड़ किए जाने की मांग प्रमुख रही। वक्ताओं का कहना था कि ये केवल मांगें नहीं, बल्कि समाज के सम्मान, शिक्षा, संस्कृति और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सुब्रत कुमार विश्वास के प्रति उपस्थित लोगों ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। सभा में बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे वर्षों से बंगाली समाज के अधिकारों की लड़ाई पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ लड़ रहे हैं। समाज के लोगों ने भरोसा दिलाया कि इस आंदोलन को मंजिल तक पहुंचाने के लिए वे हर कदम पर उनके साथ खड़े रहेंगे।
इस अवसर पर युवा नेता अभिमन्यु साना ने कहा कि बंगाली समाज अब अपने अधिकारों के लिए पूरी तरह जाग चुका है। उन्होंने कहा कि ष्आरक्षण हमारा अधिकार है और इस अधिकार को प्राप्त करने के लिए हम अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे। जब तक समाज को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हमारा आंदोलन लगातार जारी रहेगा।ष्
वहीं आंदोलन के अध्यक्ष संजय बीर ने कहा कि बंगाली समाज वर्षों से स्वयं को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि अनेक सरकारें आईं और गईं, लेकिन समाज की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही समाज की मांगों को स्वीकार नहीं किया तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलनकारी आमरण अनशन जैसे लोकतांत्रिक माध्यम अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
ग्राम शिवपुरी के युवा नेता जीवन मंडल ने कहा कि बंगाली समाज कई दशकों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करता आया है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में समाज की एक पूरी पीढ़ी बीत गई, लेकिन आज भी अपेक्षित अधिकार प्राप्त नहीं हो सके हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अब आने वाली पीढ़ियों को भी उसी संघर्ष का सामना न करना पड़े, इसके लिए आज एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ना आवश्यक है। उन्होंने सभी युवाओं से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि बंगाली समाज की एकता ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। वक्ताओं ने समाज के प्रत्येक परिवार से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले 100वें दिन आयोजित होने वाला जिला मुख्यालय घेराव आंदोलन के इतिहास का महत्वपूर्ण चरण होगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी रही। प्रमुख रूप से भजन रॉय, आकाश हलदर, विजय शिकारी, प्रेम बिस्वास, कृष्णा तापाली, विपन बिस्वास, जीवन मंडल, सुमित हलदर, ध्रुव वैद्य, नवीन कुमार, सुभाष रॉय, संजय बीर, अभिमन्यु साना, सुब्रत कुमार विश्वास, सुखदेव राम, करन हलबा, मोहित कीर्तनिया, सदानंद, आबिंब तथा प्रेम सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि बंगाली समाज के अधिकारों की इस लोकतांत्रिक लड़ाई को पूरी एकजुटता और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही प्रत्येक गांव में जनजागरण अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि समाज की एकता, संगठन और निरंतर संघर्ष के बल पर बंगाली समाज अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करेगा और आने वाले समय में अपनी मांगों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सफल होगा।
