पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, चैकी प्रभारी व सिपाही पर एफआईआर दर्ज करने की मांग
पीलीभीत। जिले के जहानाबाद थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। अमखेड़ा गांव निवासी मोहम्मद जफर ने पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव को शिकायती पत्र सौंपकर चैकी प्रभारी अमर सिंह और सिपाही रोहित पर घर में घुसकर मारपीट करने, चार दिन तक चैकी में अवैध रूप से बैठाकर प्रताड़ित करने, ₹13 हजार की कथित उगाही करने तथा बाद में शांति भंग की धाराओं में चालान करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत पत्र के अनुसार, कुछ दिन पूर्व हुए एक मामूली विवाद के बाद चैकी प्रभारी और एक सिपाही पुलिस बल के साथ उसके घर पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए उसे घर से बाहर घसीटा और रास्ते भर मारपीट करते हुए चैकी ले गए। पीड़ित का कहना है कि उसके साथ हुई पूरी घटना गांव और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है, जिसकी जांच कराई जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
मोहम्मद जफर ने आरोप लगाया कि चैकी पहुंचने के बाद उसे लगातार चार दिनों तक बैठाकर रखा गया। इस दौरान मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि पहले उससे ₹15 हजार की मांग की गई और बाद में ₹13 हजार लेने के बावजूद उसे छोड़ा नहीं गया। इसके बाद 27 जुलाई को उसका शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया गया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि जब उसने विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
इसी बीच इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मोटरसाइकिल पर बीच में बैठे एक युवक को पीछे बैठे पुलिसकर्मी द्वारा लगातार थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो का संबंध इसी घटना से है या किसी अन्य मामले से। बावजूद इसके वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पीड़ित ने अपने शिकायती पत्र में मांग की है कि घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराए जाएं, वायरल वीडियो की भी जांच कराई जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो उनके साथ हुई कथित ज्यादती का सच सामने आ जाएगा।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्रकरण की जांच थाना जहानाबाद के प्रभारी निरीक्षक को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आरोप सही पाए जाते हैं या नहीं।पुलिस के अनुसार मोहम्मद जफर के खिलाफ आईजीआरएस पोर्टल पर छेड़छाड़ की शिकायत प्राप्त हुई थी। उसी शिकायत के आधार पर उन्हें चैकी बुलाया गया था। पूछताछ और आवश्यक कार्रवाई के बाद शांति भंग की धाराओं में चालान किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की है और शिकायत की जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर पीड़ित पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर पुलिस अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कार्रवाई को पूरी तरह नियमसम्मत बता रही है। अब निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और वायरल वीडियो का इस प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं।
