सुल्तानपुर । सुल्तानपुर जिले के बीरसिंहपुर स्थित 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय में सीजेरियन प्रसव की सुविधा अब तक शुरू न होने पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। शासन की मंशा और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद लापरवाही बरतने पर अयोध्या मंडल के अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने नाराजगी जताई है।
अपर निदेशक ने प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार पाण्डेय को भेजे पत्र में शासकीय कार्यों के प्रति ष्घोर उदासीनताष् का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने सीजेरियन प्रसव सेवा शुरू करने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।
प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में बेहतर मातृ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीजेरियन प्रसव की सुविधा अनिवार्य की है। इसी क्रम में बीरसिंहपुर के 100 शैया चिकित्सालय में सेवा शुरू कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहपुर के विशेषज्ञ डॉ. आमिर अहमद को 14 जनवरी 2026 को संबद्ध किया गया था।
अपर निदेशक के अनुसार 5 जनवरी और 27 जनवरी 2026 को पत्र भेजकर तथा भौतिक निरीक्षण के दौरान मौखिक और लिखित निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने सीजेरियन डिलीवरी शुरू करने संबंधी कोई प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई।
30 जुलाई को जारी पत्र में अपर निदेशक ने कहा कि अस्पताल के इस रवैये से क्षेत्र में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दो कार्यदिवस के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना मानते हुए अनुशासनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
अपर निदेशक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सुल्तानपुर को निर्देश दिया है कि तत्काल आवश्यक निर्णय लेकर बीरसिंहपुर अस्पताल में सीजेरियन प्रसव की सुविधा शुरू कराई जाए और इसकी सूचना मंडल कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
