विपिन बाजपेई
सिंहपुर/अमेठी। अवध क्षेत्र के अमेठी जनपद में पौराणिक शिव मंदिर दतेहरेश्वर धाम की विशेषताएं पूरे जनपद में जानी मानी जाती है जनपद अमेठी के सिंहपुर ब्लॉक से छह किलोमीटर दूरी पर स्थित द्वापर के पांडव कालीन युग से ताल्लुक रखता हुआ या विशाल शिव मंदिर लोगों की आस्था का स्तंभ है लोगों की मान्यता है कि श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को जलाभिषेक करने से यहां आते ही शिव भक्त शिव की महिमा में और उनके दर्शन मात्र से लीन हो जाते हैं जानकारों के अनुसार दतेहरेश्वरधाम शिव मंदिर रामपुर पवारा सेमरौता के पास स्थित इस मंदिर में सावन के महीने में अपार भीड़ लोगों का ताता लगा रहता है मान्यता के अनुसार पांडव जब अज्ञातवास काट रहे थे तब माता कुंती के साथ पांच पांडव और द्रौपदी भी इस स्थान पर पहुंचे थे अर्ध रात्रि में माता कुंती के दूसरे बेटे अर्जुन को स्वप्न में भगवान शिव ने दर्शनार्थ हुए शिवजी ने अपने रूप को प्रकट करने के लिए अर्जुन को प्रेरणा दी लोगों का कहना है कि इस मंदिर का जीर्णोद्धार पांडव कालीन युग में अर्जुन द्वारा किया गया था बाद में माता कुंती सहित द्रौपदी और पांचो पांडवों ने भगवान आराध्या शिव की पूजा अर्चना करने के बाद आगे के लिए प्रस्थान किया था युग बीते समय बदला खंडहर जैसे निवास पर विराजमान भगवान शिव को ग्रामीणों ने लोगों ने शक्तियों को परीक्षण किया लोगों की मान्यताएं पूर्ण होती गई 60 वर्ष पूर्व मंदिर दतेहरेश्वर धाम अपने पूर्ण रूप में आया आज मंदिर प्रांगण में अकल्पनीय व्यवस्थाओं से सुसज्जित भव्य रूप में मंदिर प्रांगण लोगों की आस्था का केंद्र बिंदु बना हुआ वैसे तो हर सोमवार को लोग जलाभिषेक करने आते हैं मगर श्रावण मास में मुख्य रूप से भगवान शिव को जलाभिषेक करने लोग यहां दूर-दूर से सेमरौता मार्ग होते हुए रामपुर पवारा मंदिर प्रांगण में पहुंच जाते हैं मंदिर प्रांगण में सावन महीने में दूर-दराज से आए हुए दुकानदार भी भक्तों को सेवाएं देते रहते हैं लोगों की मान्यताएं पूरे होने पर लोग यहां पर इस स्थान पर पूरे साल में कई बार भंडारे का भी आयोजन होता रहता है पौराणिक शिव मंदिर दतेहरेश्वर महादेव मंदिर पर इतिहास के पन्नों में दर्ज मुगलकालीन समय पर इस पर भी आक्रमण करना चाहा मगर दुस्साहसीयो का प्रभाव इस पर नहीं चल सका मंदिर के मुख्य पुजारी बाबा वीरेंद्र गोस्वामी मंदिर में श्रृंगार आरती जलाभिषेक आरती के साथ-साथ साजो सज्जा की विशेष व्यवस्था हरदम देखे जा सकती है।

