Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

उत्तराखड: हर गाँव का यही पैगाम - एक पेड़ माँ के नाम! हरेला पर्व पर मालदेवता में हुआ भव्य वृक्षारोपण अभियान, प्रदेश में 40 वन प्रभागों के 3791 स्थलों पर रोपे गए पौधे


देहरादून। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर ष्हर गाँव का यही पैगाम - एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत आज जनपद के मालदेवता, में  वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन, विधायी एवं संसदीय कार्य, निर्वाचन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  सुबोध उनियाल रहे।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद  नरेश बंसल, टिहरी गढ़वाल लोकसभा सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह विशिष्ट अतिथि तथा रायपुर विधायक उमेश शर्मा श्काऊश् अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री सुबोध उनियाल ने रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर मा0 वन, विधायी एवं संसदीय कार्य, निर्वाचन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  सुबोध उनियाल ने  कहा कि वृक्ष लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसका संरक्षण और संवर्धन करना है। पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में 10 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि इस वर्ष हरेला पर्व के अवसर पर 2 करोड़ पौधारोपण का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और विकास को जनआंदोलन बनाना है।

उन्होंने  कहा कि हरेला प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है। वृक्ष, नदियाँ और वन्य जीव हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं तथा इनके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण एवं उनका संवर्धन अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना तथा वनों की सुरक्षा करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। वन विभाग जनसहभागिता के माध्यम से वनों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। विकसित भारत के लक्ष्य को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही प्राप्त किया जा सकता है उन्होंने जनमानस से प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर  विकास की इस यात्रा में सहयात्री बनने का अनुरोध किया।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने वनों की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले वन कर्मियों तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष में जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने मौलश्री, टिहरी सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह ने महोगनी तथा विधायक उमेश शर्मा श्काऊश् ने कदम्ब का पौधा रोपित किया।

राज्यसभा सांसद  नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला पर्यावरण और प्रकृति के प्रति हमारी आस्था एवं संस्कृति का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

टिहरी सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह तथा रायपुर विधायक  उमेश शर्मा श्काऊश् ने भी अपने संबोधन में जनमानस से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

ज्ञातब्य है कि पूरे प्रदेश के 40 वन प्रभागों के 3791 स्थलों पर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जा रहा है, जिससे राज्य में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र भी वितरण किए गए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल डॉ0 धीरज पांडेय, प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल, प्रमुख वन संरक्षक (वन पंचायत) एस.पी. सुबुद्धि, अपर प्रमुख वन संरक्षक विवेक पांडेय, जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चैहान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी अमित कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी कालसी वैभव कुमार सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |