उड़ीसा से भारी मात्रा में अवैध गांजा
सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपराध, अपराधियों तथा अवैध मादक पदार्थों एवं अवैध शराब की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के कुशल निर्देशन में तथा प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज के कुशल नेतृत्व में थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस एवं एएनटीएफ लखनऊ यूनिट को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। संयुक्त टीम द्वारा अन्तर्राज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 06 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।दिनांक 21/22.06.2026 की रात्रि में एएनटीएफ लखनऊ यूनिट को मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि उड़ीसा से भारी मात्रा में अवैध गांजा डीसीएम वाहन के माध्यम से उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है तथा तस्करों द्वारा एक अन्य चारपहिया वाहन से पुलिस की रेकी की जा रही है। सूचना पर एएनटीएफ लखनऊ यूनिट एवं थाना रॉबर्ट्सगंज की चौकी सुकृत पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा चहेलवा बैजू बाबा मंदिर के पास घेराबंदी कर एक सियाज कार एवं एक डीसीएम वाहन को रोककर जांच की गई। पूछताछ एवं विधिक कार्यवाही के उपरान्त डीसीएम वाहन की तलाशी ली गई, जिसमें जड़ी-बूटी की बोरियों के बीच छिपाकर रखा गया कुल 08 कुन्तल 684 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 80 लाख 60 हजार रुपये है। मौके से 06 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी एवं गिरफ्तारी के आधार पर थाना रॉबर्ट्सगंज पर मु0अ0सं0 525/2026, धारा 8/20/29/60 एनडीपीएस एक्ट पंजीकृत कर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। बरामद 08 कुन्तल 684 ग्राम अवैध गांजा, एक डीसीएम वाहन, एक सियाज कार, 06 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 02 आईफोन तथा ₹6,040/- नगद को पुलिस कब्जे में लेकर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। साथ ही तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं नेटवर्क के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे एक संगठित अन्तर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह के सदस्य हैं तथा काफी समय से उड़ीसा से अवैध गांजा खरीदकर सुल्तानपुर एवं उसके आसपास के जनपदों में आपूर्ति करते आ रहे हैं। अभियुक्त अंकित सिंह एवं रोहित कुमार सिंह इस तस्करी नेटवर्क का संचालन करते थे, जबकि सोहित सिंह, देवेन्द्र सिंह, सूरज कुमार एवं सिद्धार्थ सिंह परिवहन, निगरानी एवं सप्लाई कार्य में सहयोग करते थे। अभियुक्तों ने बताया कि बरामद गांजे की वर्तमान खेप उड़ीसा के बलांगीर क्षेत्र से लगभग 20 लाख रुपये में खरीदी गई थी। जिससे चेकिंग के दौरान संदेह न हो तथा आवश्यकता पड़ने पर जड़ी-बूटी के वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर पुलिस एवं अन्य जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके। तस्करी के दौरान एक सियाज कार के माध्यम से आगे-पीछे चलकर पुलिस की गतिविधियों एवं चेकिंग की रेकी भी की जा रही थी। पूछताछ में अभियुक्तों ने यह भी बताया कि बरामद गांजे की खेप सीतापुर निवासी अतुल सिंह को पहुंचाई जानी थी। उड़ीसा में गांजा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को वे "दादा" नाम से जानते हैं, जिससे उनका सम्पर्क व्हाट्सएप के माध्यम से होता था। गिरोह के सदस्य पहचान छिपाने एवं गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से लगातार मोबाइल नम्बर एवं सिम कार्ड बदलते रहते थे। मुख्य सरगना रोहित सिंह ने बताया कि गांजे की खेप को सियाज कार से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के माध्यम से आगरा तक पहुंचाया जाता था, जहां सितापुर निवासी अतुल सिंह द्वारा बताए गए व्यक्तियों को इसकी आपूर्ति कर दी जाती थी। अभियुक्तों से प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान एवं गिरफ्तारी हेतु आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
