भरत तिवारी एनकाउंटर में एक्शन, DSP राजेश शर्मा हटाए गए
June 24, 2026
बिहार के भोजपुर में बीते दिनों हुए भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन हुआ है. इस केस को लेकर जगदीशपुर DSP राजेश शर्मा को अगले आदेश तक पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है. भरत तिवारी के एनकाउंटर के 7 दिन बाद यह एक्शन हुआ है. राजेश शर्मा के हटाए जाने के बाद पंकज मिश्रा को नया DSP नियुक्त किया गया है.
भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के 7वें दिन बड़ी कार्रवाई हुई है. भरत की मां के आवेदन पर DSP, SHO और अन्य पुलिसकर्मियों पर FIR की गई है. यह कार्रवाई एनकाउंटर को लेकर उठे सवालों और परिजनों की शिकायत के आधार पर की गई है.
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बुधवार (24 जून) को दोपहर 12 बजे से भोजपुर के बिलौटी में महापंचायत का आयोजन किया गया है. बिलौटी भरत तिवारी का गांव है. भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर महापंचायत आयोजित की जाएगी.
महापंचायत का उद्देश्य भरत तिवारी मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को मजबूत करना है. कार्यक्रम में बिहार समेत देश के कई राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है. महापंचायत में करणी सेना, परशुराम महासभा, हिंदू महासभा, ब्राह्मण महासभा, हिंदू जागरण मंच सहित विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही जा रही है. एनकाउंटर के बाद से पुलिस सवालों के घेरे में है. हथियार डालने के बाद आखिर एनकाउंटर क्यों हुआ.
बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले में पुलिस के कई अधिकारियों के खिलाफ मंगलवार (24 जून) को प्राथमिकी दर्ज की गई. भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पिछले सप्ताह बुधवार को पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी. भोजपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मृतक की मां द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर शाहपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई.
बयान में बताया गया कि प्राथमिकी तत्कालीन जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), तत्कालीन शाहपुर थाना प्रभारी (एसएचओ) और घटना में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज की गई. तिवारी की मौत के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए थे.
