लंभुआ ब्लॉक की बैठक में आंदोलन का ऐलान, मानदेय, कर्मचारी दर्जा और सेवा सुरक्षा सहित आठ प्रमुख मांगें उठीं
सुल्तानपुर। लंभुआ विकासखंड में आयोजित ग्राम रोजगार सेवकों की बैठक में विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला। बैठक में रोजगार सेवकों ने एकजुट होकर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा तथा बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक वर्षों से ग्रामीण विकास एवं मनरेगा योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का अब तक समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान जारी किए गए मांग-पत्र में रोजगार सेवकों ने न्यूनतम ₹24,000 प्रतिमाह मानदेय, राज्य कर्मचारी का दर्जा, 12 से 14 माह का बकाया मानदेय तत्काल जारी करने, नियमित भुगतान के लिए अलग बजट की व्यवस्था, 20 दिन का आकस्मिक एवं 12 दिन का चिकित्सा अवकाश, सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति, स्थानांतरण नीति लागू करने तथा मोबाइल एवं डाटा रिचार्ज भत्ता दिए जाने की प्रमुख मांगें उठाईं।
रोजगार सेवकों ने सरकार से शीघ्र वार्ता कर समस्याओं का समाधान करने की अपील करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। बैठक में उपस्थित सभी रोजगार सेवकों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।
बैठक के अंत में रोजगार सेवकों ने ष्न्याय दो, सम्मान दो, अधिकार दोष् का नारा बुलंद करते हुए सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की और कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
