- जांच प्रक्रिया के दौरान हुए प्रशासनिक बदलाव चर्चा में
- दोबारा नैनीताल नगर पालिका में तैनाती पर उठ रहे सवाल
- वर्षों बाद भी जांच की स्थिति स्पष्ट न होने से बढ़ी चर्चाएं
नैनीताल। नगर पालिका परिषद नैनीताल के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा को लेकर उठ रहे विवाद अब केवल गाइड लाइसेंस, पार्किंग और सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं। एलईडी स्ट्रीट लाइट खरीद प्रकरण से जुड़े घटनाक्रम को लेकर भी स्थानीय स्तर पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि एलईडी स्ट्रीट लाइट खरीद प्रकरण में जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी और संबंधित अभिलेखों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान प्रशासनिक स्तर पर बदलाव हुए और जांच से जुड़े अधिकारी का तबादला हो गया। इसके बाद कुछ समय पश्चात रोहिताश शर्मा की पुनः नैनीताल नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी के रूप में तैनाती हो गई।
इन घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रकरण की जांच चल रही थी तो उसका अंतिम परिणाम क्या रहा? क्या जांच पूरी हो गई, क्या उसे बंद कर दिया गया अथवा वह आज भी लंबित है? इन सवालों पर अब तक कोई स्पष्ट सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच पूरी हो चुकी है तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं यदि जांच अब भी लंबित है तो इतने वर्षों से अंतिम निर्णय न हो पाने के कारण भी स्पष्ट किए जाने चाहिए।
प्रशासनिक हलकों में भी यह चर्चा है कि जिस निकाय से जुड़े किसी प्रकरण की जांच चर्चा में रही हो, वहां संबंधित अधिकारी की दोबारा तैनाती किन परिस्थितियों में हुई। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम पर शासन और अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा का पक्ष भी सामने आना जरूरी है, ताकि जनता के सामने तथ्यात्मक और संतुलित तस्वीर आ सके।
सूत्रों का कहना है कि गाइड लाइसेंस, पार्किंग व्यवस्था, सफाई व्यवस्था और एलईडी स्ट्रीट लाइट खरीद प्रकरण सहित सभी मामलों पर यदि स्थिति स्पष्ट कर दी जाए तो लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर विराम लग सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शासन इन सभी मामलों की स्थिति सार्वजनिक करेगा, या फिर नैनीताल नगर पालिका से जुड़े ये सवाल यूं ही अनुत्तरित बने रहेंगे?।
