शुकुलबाजारः गांव-गांव फैल रहा कच्ची शराब का कारोबार! भट्टियों की आंच में जल रहा युवाओं का भविष्य
June 05, 2026
शुकुलबाजार/अमेठी। क्षेत्र में कच्ची शराब का अवैध कारोबार दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। कई गांवों में यह धंधा अब कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है, जहां खुलेआम कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सस्ती शराब की उपलब्धता के कारण विभिन्न स्थानों पर नशेबाजों की मंडियां सजती हैं, जिससे आए दिन विवाद और सामाजिक समस्याएं पैदा हो रही हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, युवाओं के साथ-साथ किशोर वर्ग भी नशे की गिरफ्त में आता जा रहा है। क्षेत्र का भविष्य कहे जाने वाले बच्चे और युवा कच्ची शराब की लत में फंसकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। इसके बावजूद अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग की सक्रियता के दावों के बावजूद यह धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है। सूत्रों की मानें तो थाना क्षेत्र के दर्जनों गांवों में सुबह से शाम तक अवैध शराब निर्माण की भट्टियां धधकती रहती हैं। इस कारोबार से सैकड़ों लोग जुड़े हुए हैं और आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां शराब खरीदने और सेवन करने पहुंचते हैं।नाम न छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि अवैध शराब कारोबार का विरोध करने वालों को परेशान किए जाने का भय बना रहता है। उनका कहना है कि शिकायत करने पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती, जिससे शराब माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस एवं आबकारी विभाग से अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाली पीढ़ियां नशे के दलदल में और गहराई तक धंसती चली जाएंगी।
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