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पीलीभीतः यूपीसीडा दफ्तर में गुंडों का धावा, अफसरों की पिटाई से हिला औद्योगिक क्षेत्र! निवेशकों को सुरक्षा का दावा करने वाली सरकार पर उठे सवाल कार्यालय के भीतर मारपीट से कानून-व्यवस्था कटघरे में


पीलीभीत। एक ओर प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा औद्योगिक और निवेश केंद्र बनाने के लिए देश-विदेश के उद्योगपतियों को आकर्षित करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर जनपद के भरा-पचपेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में हुई सनसनीखेज घटना ने निवेशकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। यूपीसीडा कार्यालय में घुसकर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ की गई मारपीट ने न केवल सरकारी तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि जिले की औद्योगिक छवि को भी गहरा आघात पहुंचाया है।

शुक्रवार शाम भरा-पचपेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित यूपीसीडा कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब करीब एक दर्जन लोग अचानक परिसर में घुस आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर सीधे प्रोजेक्ट मैनेजर आसीम माजी के कक्ष में पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद परियोजना उप प्रबंधक को भी कमरे में बुलाकर अभद्रता की गई और हाथापाई की गई।

अधिकारियों के साथ हो रही मारपीट की सूचना मिलते ही अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन हमलावरों का गुस्सा उन पर भी टूट पड़ा। कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। आरोप है कि हमलावर संस्था के डायरेक्टर संदीप झांमर को तत्काल बुलाने की मांग कर रहे थे और धमकी भरे अंदाज में पूरे कार्यालय में उत्पात मचाते रहे। घटना के दौरान कर्मचारियों में दहशत का माहौल रहा और कई लोग अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए।घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल फैल गया। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि जब सरकारी अधिकारी अपने कार्यालय में सुरक्षित नहीं हैं, तो उद्योग लगाने वाले निवेशकों और उद्यमियों की सुरक्षा की क्या गारंटी दी जा सकती है।

यूपीसीडा के परियोजना प्रबंधक आशीष कुमार सिंह की तहरीर पर अमरिया थाने में 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने किसी पुराने लेन-देन और हिसाब-किताब के विवाद को घटना का कारण बताया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश सरकार लगातार निवेशक सम्मेलन आयोजित कर बड़े उद्योग समूहों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई मंचों से निवेशकों को सुरक्षा और बेहतर कारोबारी माहौल का भरोसा देते रहे हैं। लेकिन पीलीभीत के औद्योगिक क्षेत्र में हुई यह घटना उन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आने से निवेशकों का भरोसा कमजोर हो सकता है। यदि उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ कार्यालय में घुसकर मारपीट की जा सकती है, तो यह संदेश दूर तक जाएगा और नए निवेशकों के मन में भय पैदा करेगा।अब जिले के उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों और आम लोगों की निगाहें पुलिस एवं प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। लोगों का मानना है कि यदि आरोपियों के खिलाफ उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई नहीं हुई तो अराजक तत्वों के हौसले और बुलंद होंगे। साथ ही सरकार के निवेश बढ़ाने और औद्योगिक विकास के प्रयासों को भी नुकसान पहुंच सकता है।

भरा-पचपेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में हुई यह घटना फिलहाल पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। उद्योग जगत से जुड़े लोग इसे केवल एक मारपीट की घटना नहीं, बल्कि जिले की औद्योगिक साख और निवेश माहौल पर सीधे हमले के रूप में देख रहे हैं। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग लगातार तेज होती जा रही है।

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