लखनऊ। आशियाना (कानपुर रोड योजना) में स्काई हिल्टन होटल के पास लखनऊ नगर निगम जोन 8 द्वारा बनाए जा रहे स्थायी वेंडिंग जोन को लेकर क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर अब स्थानीय नागरिक, नगर निगम के समर्थक और रेहड़ी-पटरी व्यवसाई आमने-सामने आ गए हैं। जहाँ एक पक्ष इसे ट्रैफिक व्यवस्था के लिए नासूर बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे गरीबों के हक में नगर निगम की एक अनूठी पहल मानकर इसके समर्थन में उतर आया है। इस बीच, वेंडिंग जोन के पीछे किसी श्बड़े खेलश् और विशेष फायदे की आशंकाओं ने भी तूल पकड़ लिया है।
रविवार को बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने वेंडिंग जोन के विरोध में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि जिस स्थान (स्काई हिल्टन के पास) पर यह जोन बनाया जा रहा है, वहाँ पहले से ही वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है और आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि यहाँ दुकानें सजने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी। जनता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि आम लोगों की सहूलियत को देखते हुए इस वेंडिंग जोन का स्थान किसी अन्य जगह स्थानांतरित किया जाए।
दूसरी तरफ, इस स्थायी वेंडिंग जोन के समर्थन में भी सैकड़ों लोग निर्माण स्थल पर एकत्र हुए। उन्होंने लखनऊ नगर निगम और महापौर सुषमा खर्कवाल की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया। समर्थन करने वालों का आरोप है कि विरोध करने वाले चंद लोग असल में वे हैं जो रेहड़ी-पटरी दुकानदारों से अवैध वसूली करते थे। वेंडिंग जोन बनने से उनकी काली कमाई के रास्ते बंद हो जाएंगे, इसलिए वे इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं। समर्थकों का दावा है कि इस योजना से गरीबों को स्थायी रोजगार मिलेगा और पूरा क्षेत्र इस जनहित के कार्य में भाजपा और नगर निगम के साथ है। उन्होंने विरोधियों पर विपक्षी दलों के साथ मिलकर विकास कार्य में बाधा डालने का भी आरोप लगाया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच क्षेत्र में कई तरह के गंभीर सवाल और चर्चाएं भी तैर रही हैं। चर्चा है कि आखिर इसी खास जगह पर वेंडिंग जोन बनाने की इतनी जिद क्यों है? स्काई हिल्टन के पास की सड़कों पर पहले से ही वाहनों का निकलना दूभर रहता है, ऐसे में यह जोन किसके फायदे के लिए प्लान किया जा रहा है? कुछ हलकों में आशंका जताई जा रही है कि इस वेंडिंग जोन के पीछे कोई श्बड़ा खेलश् हो सकता है, जहाँ दुकानें बनाकर किसी विशेष वर्ग या व्यक्ति को अनुचित लाभ पहुँचाने की तैयारी है।
बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि इस विवादित स्थल पर वेंडिंग जोन का निर्माण हो जाता है, तो यह पूरे शहर के लिए एक नजीर बन जाएगा। इसके बाद नगर निगम शहर के किसी भी व्यस्त या संभ्रांत कोने में वेंडिंग जोन खड़ा करने के लिए स्वतंत्र हो जाएगा, जिससे भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था और बिगड़ सकती है। फिलहाल दोनों पक्षों के अड़ियल रुख के कारण क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
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