भोजपुर एनकाउंटर को लेकर फूटा परिजनों का गुस्सा
June 18, 2026
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में आज सुबह पुलिस एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी नाम के एक युवक की मौत हो गई। पुलिस की मानें तो युवक मानसिक रूप से बीमार था और उसने खुलेआम पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग की, बचाव में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में भरत भूषण के पैर के ऊपरी हिस्से में तीन गोलियां लगीं। गंभीर हालत में युवर को आरा सदर अस्पताल लाया गया जहां उसकी स्थिति को देख चिकित्सकों ने उसे पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया था। पटना ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि युवक मानसिक रूप से परेशान था, लेकिन परिजनों का कहना है कि युवक ने पुलिस के आगे सरेंडर कर दिया था, बावजूद इसके उस पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना के बाद भरत भूषण की मां ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस और एसटीएफ ने उनके बेटे को गोली मारी है। मृत युवक की मां ने यह भी कहा है कि उसका बेटा बिल्कुल ठीक था और उसका कहीं भी इलाज नहीं चल रहा था। पिछले कुछ दिनों से वह समाज सेवा में सक्रिय था और बाढ़ के दौरान जल जमाव को लेकर लगातार आवाज उठा रहा था। उसकी मां ने एसडीएम जगदीशपुर पर भी आरोप लगाया है कि उनके इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया है।
वहीं ग्रामीणों की मानें तो फायरिंग की आवाज सभी ने सुनी थी। इस मामले में मृत युवक भरत भूषण के भाई ने भी पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसके भाई को आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने गोली मारी है। हालांकि पूरे मामले पर अभी तक पुलिस की कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि एक प्रेस नोट जारी कर भोजपुर पुलिस ने युवक की मौत की पुष्टि की है।
युवक के एनकाउंटर पर शाहपुर विधानसभा के पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने भी सवाल उठाए है और कहा है कि अगर युवक ने आत्मसमर्पण कर दिया था, हथियार डाल दिया था तो फिर एनकाउंटर करने की क्या जरूरत थी। उन्होंने ये भी कहा कि अगर लड़का मानसिक रूप से बीमार था तो फिर ऐसी परिस्थिति क्यों बनाई गई। इस पूरे मामले में भोजपुर एसपी मिस्टर राज ने शाहपुर थाना प्रभारी राजेश मालाकार सहित एक एसआई और एक एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मौके पर पहुंचकर एफएसएल की टीम भी जांच में जुट गई है। इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
