आगरा। ताजनगरी आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र में अवैध निर्माणों को लेकर आवास विकास परिषद की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। आरोप है कि क्षेत्र में मानकों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कराए जा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के बजाय खानापूर्ति तक सीमित हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत नक्शों के आधार पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। रिहायशी क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी कर बहुमंजिला और व्यावसायिक निर्माण किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र की मूल योजना प्रभावित हो रही है।
आरोप है कि आवास विकास के जूनियर इंजीनियर (जेई) आकाश कुमार की अनदेखी के चलते भवन स्वामियों के हौसले बुलंद हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें नोटिस जारी करने और कार्रवाई का आश्वासन देकर गुमराह किया जाता है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
सूत्रों के अनुसार कुछ मामलों में विभागीय अधिकारियों और भवन स्वामियों की मिलीभगत के आरोप भी सामने आए हैं, जिससे परिषद को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
बताया जाता है कि आवास विकास के अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की कमान स्वयं संभाल रखी है और सख्त रुख अपनाया हुआ है। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध निर्माणों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन स्वामियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
