पट्टी/प्रतापगढ़। जनपद में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आसपुर देवसरा पुलिस और स्पेशल टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक करोड़ रुपये कीमत की 202.31 ग्राम एमडी (मेथामफेटामाइन) ड्रग्स बरामद की है। पुलिस ने पांच शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक अर्टिगा कार और बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी जब्त की है। बरामद मादक पदार्थ की मात्रा वाणिज्यिक श्रेणी में आने के कारण आरोपितों पर एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार एवं क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी राकेश चैरसिया और स्पेशल टीम प्रभारी विजेन्द्र सिंह की संयुक्त टीम ने रविवार देर रात सैफाबाद-मुरैनी मार्ग पर वाहन चेकिंग के दौरान यह सफलता हासिल की। जांच के दौरान अर्टिगा कार संख्या यूपी-50 बीपी-7575 और एक बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें कुल 202.31 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई।
गिरफ्तार अभियुक्तों में जौनपुर निवासी सूरज दुबे उर्फ दीपेश, दिव्यांशु दूबे उर्फ गब्बर तथा प्रतापगढ़ के आनन्द मिश्रा, आलोक शुक्ला और मंजीत मिश्रा शामिल हैं। पूछताछ में आरोपितों ने मादक पदार्थ को बिक्री के लिए ले जाना स्वीकार किया है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आनन्द मिश्रा और मंजीत मिश्रा अपने अन्य साथियों कुशु मिश्रा और छोटू मिश्रा के साथ मिलकर एमडी ड्रग्स के कारोबार में सक्रिय थे। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई लोगों का आपराधिक इतिहास भी रहा है। मामले में अन्य फरार आरोपितों की तलाश तेज कर दी गई है।
इस संबंध में थाना आसपुर देवसरा में मुकदमा संख्या 147ध्2026, धारा 22(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
नशे का कारोबार समाज को खोखला कर रहा है। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। नशा तस्करी की सूचना मिलने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। दीपक भूकर, पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़
.jpg)