संग्रामपुर:जल स्रोत सूखने से प्यासे भटक रहे जानवर
June 06, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। अमेठी जिले के विकास खंड संग्रामपुर में जल स्रोत सूखने में क्षेत्र के जानवर पानी के लिए लिए इधर उधर भटकते नजर आ रहे हैं। विकास खंड में लाखों - करोड़ों की लागत से लगभग 20 से 25 अमृत सरोवर बनाया गया है। तालाब सुन्दरी करण के नाम पर अच्छा पैसा खारिज किया गया है। नहर -नदी -नाले की सफाई के नाम पर पैसा खर्च हुआ लेकिन इतना पैसा खर्च होने के बावजूद जंगली जीव -जन्तु पानी के लिए तड़प रहे हैं पानी की तलाश में गांव के घरों में घुसकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूत है संग्रामपुर क्षेत्र में पानी को संरक्षित करने के लिए मालती नदी पर चेक डैम बनाए गए हैं आज यह स्थिति हो गई कि अधिकांश चेकडैम में धूल उड़ रही है। क्षेत्र में राजबहा माइनर भी है लेकिन पानी की एक बूंद नहीं मिल सकता है।देखा जाए तो भीषण गर्मी के समय जीव -जन्तु पानी के लिए तड़प रहे हैं। मनुष्य तो पानी की व्यवस्था किसी न किसी प्रकार से कर ले रहा है लेकिन जीव-जंतु के पेयजल की व्यवस्था नदी- नाला -तालाब -अमृत सरोवर आदि सूखे पड़े हैं। जीव -जन्तु के पेयजल के लिए तालाब में पानी भराने की मांग पिछले माह बृजेश मिश्रा उमापुर द्वारा की गई थी लेकिन उनकी मांग का असर -बेअसर रहा और आज भी सभी तालाब खेल के मैदान ही बने हैं।मधुपुर खदरी गंगापुर बड़गांव कंसापुर पुन्नपुर संग्रामपुर नेवादाकनू-कनू भवसिंहपुर बदलापुर जरौटा तारापुर -भावलपुर बनवीरपुर आदि गांव के तालाब सूखे पड़े हैं।
