लखनऊ: की शान सर एमएस अल-हुदा को भावभीनी श्रद्धांजलि
June 03, 2026
लखनऊ। राजधानी की प्रसिद्ध हस्ती स्वर्गीय ष्सरष् मोहम्मद सुरूर अल-हुदा की 24वीं पुण्यतिथि उनके सुपुत्र डॉ. प्रो. फिरोज एम. अल-हुदा (अलीगढ़) द्वारा उनके गोमती नगर स्थित आवास पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। भारत को स्वतंत्रता प्राप्त होने के बाद संभवतः वे उत्तर प्रदेश के पहले व्यक्ति थे जिन्हें वर्ष 2000 में ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के हाथों “सर” की उपाधि तथा व्.ठ.म्. सम्मान से नवाजा गया। सर एम. एस. अल-हुदा एक प्रख्यात ट्रेड यूनियन नेता तथा श्रमिक आंदोलन से जुड़े हुए थे। उन्होंने बिहार के जमालपुर रेलवे वर्कशॉप में इंजीनियर के पद पर अपनी सेवाएं प्रारंभ कीं। बाद में वे श्रमिक आंदोलन में सक्रिय हो गए और शीघ्र ही ईस्टर्न रेलवेमेंस यूनियन, कलकत्ता के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। साथ ही उन्होंने ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (।प्त्थ्), नई दिल्ली के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद की जिम्मेदारियां भी संभालीं। 1960 के दशक में वे इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए इंग्लैंड गए। वहां उनका संपर्क जर्मनी के पूर्व चांसलर विली ब्रांट, लॉर्ड फिलिप नोएल बेकर, डेविड एनाल्स तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नेताओं से हुआ। बाद में उनके प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सर रिचर्ड एटनबरो से भी घनिष्ठ संबंध रहे, जिन्होंने विश्वप्रसिद्ध फिल्म “गांधी” का निर्माण किया था। उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लंदन में गांधी फाउंडेशन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त वे इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन (प्ज्थ्) के सिविल एविएशन सेक्शन, एशिया-प्रशांत, यूनाइटेड किंगडम के महासचिव पद से सेवानिवृत्त हुए। सर एम. एस. अल-हुदा की अनेक उपलब्धियां और योगदान रहे, जिनके कारण उन्हें “सर” और “व्.ठ.म्.” जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए। वे लखनऊ की शान और गौरव थे। 03 जून 2003 को ब्रिटेन के सरे (ैनततमल) क्षेत्र में एक संक्षिप्त बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। लखनऊ के मल्हौर, चिनहट, मोहनलालगंज, रायबरेली रोड तथा गांधी भवन, शहीद स्मारक सहित विभिन्न स्थानों पर उनके द्वारा स्थापित संस्थाएं आज भी समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं।
