दूल्हे ने दहेज में मांगी कार तो दुल्हन ने शादी से किया इन्कार
June 26, 2026
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में विचित्र मामला सामने आया है, जहां एक शादी समारोह में बड़े ही धूमधाम से अगुवानी और जयमाला कार्यक्रम हुआ, लेकिन अचानक दूल्हे की ओर से दहेज में लक्जरी कार की डिमांड करते ही दुल्हन ने चढ़ावे में सोने चांदी के जेवरात कम लाने की बात कहते हुए शादी से इन्कार कर दिया। अचानक बारात की शहनाइयां बन्द हो गईं और सभी रिश्तेदार मनौवल का प्रयास करने लगे। लेकिन मामला यहीं नही रुका, दोनों पक्षों में मारपीट की नौबत आ गई तो पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया।
मामला जिले के औंग थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां जयमाल के बाद वर पक्ष की हरकतों से दुल्हन का मन खिन्न हो गया। उसने अपने पिता परिजनों से शादी करने से मना कर दिया। खुशियां तार तार हो गई। देखते ही देखते ही सारी रौनक फीकी पड़ गई। दोनों पक्षों में खामोशी छा गई। आमंत्रण पर आए अतिथि, नाते रिश्तेदार भी वरपक्ष की हरकतों से आहत दिखे। प्रीतभोज भी नहीं किया। कन्या पक्ष के परिजन भी रोते बिलखते नजर आए।
जानकारी के अनुसार उन्नाव जनपद के अचलगंज थाने के खन्नापुरवा गांव के राधेलाल निषाद के पुत्र गोविंद निषाद की बारात औंग थाने के एक गांव आई थी। कन्या पक्ष ने दहेज में 6 लाख 50 हजार दूल्हे गोविंद के खाते में 17 जून बुधवार को ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। लड़के ने स्विफ्ट डिजायर कार खरीदने के लिए पहले ही मांगे थे। कन्या पक्ष ने भारी भरकम पंडाल, भव्य जयमाल मंडल, स्वागत गेट चाकचौबंद व्यवस्था की थी। दुल्हन के पिता ने बताया कि दहेज के दानवों ने पहले ही रुपये अपने खाते में डलवा लिए थे। बात हुई थी कि बेटी के लिए सोने चांदी के जेवरात चढ़ावे में लेकर आने की, लेकिन दूल्हा पक्ष जयमाला के लिए माला फूल ही नहीं लेकर आए। रात दो बजे किसी तरह फूल माला की व्यस्था की गई, तब जयमाल हुई। चढ़ावे की रस्म में 500 ग्राम चांदी और 10 ग्राम सोने के जेवरात वर पक्ष लेकर आया था। साड़ियां एक के साथ एक फ्री स्कीम वाली लाई गईं थी। जिसमें लगे स्टीकर गवाही दे रहे थे। यह देखकर दुल्हन का मन खिन्न हो गया।
रात से लेकर सुबह तक संभ्रांतजनों की मौजूदगी में कन्या पक्ष और वर पक्ष में समझौता चलता रहा। ग्राम प्रधान ने बताया कि समझौते के मुताबिक 6 लाख 50 हजार नगदी 30 जून तक वापस करने और सजावट में खर्च 1 लाख 25 हजार , 30 जुलाई तक वापस करने की सहमति बनी। लिखित परिपत्र बक्से में भरे जेवरात और दूल्हे पक्ष की एक कार जमानत के तौर पर कन्या पक्ष के घर में रखवा दी गई। चाबी वर पक्ष को दे दी गई, सुबह बारात बैरंग लौट गई। लेकिन समझौते को नकारते हुए वर पक्ष के लोग औंग थाने पहुंचे और प्रार्थना पत्र दिया कि कार और जेवर कन्या पक्ष द्वारा जबरन रखवा लिया गया है और उल्टे 6 लाख 50 हजार रुपये दुल्हन के पिता ने छीन लिए हैं।
