मऊ। नगर क्षेत्र के एक मैरेज हाल में शनिवार को उपायुक्त अवनीश कुमार चैधरी के नेतृत्व में व्यापारी-अधिकारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सहायक आयुक्त राज्यकर ऋषि प्रसाद रस्तोगी व संजीव कुमार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित प्रावधानों, विवरणी दाखिल करने, कर भुगतान, इलेक्ट्रॉनिक पथ-विपत्र (ई-वे बिल), इलेक्ट्रॉनिक बीजक की अर्हता, पंजीकरण एवं अन्य प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
संवाद के दौरान व्यापार मंडल के वरिष्ठ नेता उमाशंकर ओमर ने व्यापारियों की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए आपदा की स्थिति में उनके लिए 20 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा और स्वास्थ्य कार्ड की मांग सरकार से रखी। उन्होंने कहा कि विवरणी दाखिल करते समय जब विभागीय जालस्थल (पोर्टल) की गति धीमी हो जाती है, तो उसका खामियाजा व्यापारियों को अर्थदंड के रूप में भुगतना पड़ता है, जो कतई उचित नहीं है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने कर खाते में अपना सही मोबाइल नंबर व ईमेल पता दर्ज करवा लें ताकि ऑनलाइन नोटिस की सूचना समय पर मिल सके। लघु उद्योग भारती के नंदकिशोर ने कर श्रेणियों के अंतर से विनिर्माताओं को होने वाले नुकसान और डॉ. रामगोपाल ने बड़े विक्रेताओं द्वारा समय पर विवरणी दाखिल न करने के कारण छोटे व्यापारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (कर प्रतिलाभ) न मिलने की समस्या उठाई। प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी ने मधुबन में तूफान से प्रभावित कृषि प्रतिष्ठान का मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त किया। सहायक आयुक्त ऋषि प्रसाद रस्तोगी ने कहा कि इन सभी समस्याओं व सुझावों को उच्च स्तर पर भेजकर यथासंभव निदान किया जाएगा। इस दौरान राज्य कर अधिकारी फौजदार, शिवकुमार गुप्ता, मनीष सर्राफ सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
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