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ईरान ने पीएम मोदी को भेजा अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का न्योता


राजनयिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। पीएम मोदी को मिले निमंत्रण के बारे में नई दिल्ली की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस मौके पर कई वैश्विक नेताओं के जुटने की उम्मीद है। 86 वर्षीय अली खामेनेई इस साल 28 फरवरी को तेहरान पर हुए इजरायल और अमेरिकी हवाई हमलों के पहले ही दिन मारे गए थे। वह पिछले 36 वर्षों से इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के शीर्ष पद पर आसीन थे।

आधिकारिक सूत्रों और ईरानी मीडिया के अनुसार, अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों की शुरुआत 5 जुलाई से होगी। तेहरान के दक्षिण में स्थित पवित्र शहर क़ोम में 7 जुलाई को विशेष शोक सभाएं और रस्में आयोजित की जाएंगी। अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को 9 जुलाई को उनके गृहनगर और पूर्वोत्तर ईरान के पवित्र शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

हालांकि, इस्लामिक कानून के तहत मृत शरीर को जल्द से जल्द आमतौर पर 24 घंटे के भीतर दफनाना अनिवार्य होता है, लेकिन युद्ध या विशेष परिस्थितियों में इसमें छूट दी जाती है। फरवरी में हुए हमले के बाद से ही उनके अंतिम संस्कार की तारीखों को लेकर अटकलें चल रही थीं। शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया था कि उन्हें जून के आखिर में दफनाया जा सकता है, लेकिन बाद में सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि यह जुलाई में होगा।

इस अंतिम संस्कार में तेहरान, मशहद और क़ोम मिलाकर लगभग 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है। यदि यह आंकड़ा सही साबित होता है, तो यह 1989 में ईरान के इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खैमेनी के अंतिम संस्कार में उमड़ी 1 करोड़ की भीड़ का रिकॉर्ड तोड़ देगा। इस कार्यक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ समेत कई पाकिस्तानी अधिकारी भी शामिल होंगे।

अली खामेनेई की मौत के बाद, उनके 56 वर्षीय बेटे मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने 8 मार्च को ईरान के नए सर्वोच्च नेता के रूप में कार्यभार संभाला था। हालांकि, फिलहाल उनकी सेहत और ठिकाने को लेकर दुनिया भर में भारी सस्पेंस बना हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ समेत कई शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि मोजतबा खामेनेई इस समय कोमा में हैं।

महीनों तक चले इस भीषण संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) को संकट में डाल दिया था, जिससे वैश्विक स्तर पर ईंधन और ऊर्जा का गंभीर संकट पैदा हो गया था। हालांकि, अब ईरान और अमेरिका के बीच एक शांति समझौता हो गया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अलग-अलग डिजिटल समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समय दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक शांति बहाली के लिए स्विट्जरलैंड में उच्च स्तरीय बातचीत चल रही है।

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