- जगदेव सिंह श्जग्गाश् का सरकार पर तीखा हमला, बोले- जनता के सवालों से डर रही है
- भाजपा सरकार, विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का सहारा
पीलीभीत। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित पीलीभीत दौरे से ठीक पहले जिले की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह श्जग्गाश् ने आरोप लगाया है कि उन्हें तथा पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कथित रूप से उनके घरों में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया, ताकि मुख्यमंत्री के सामने जनता की आवाज और विपक्ष के सवाल न पहुंच सकें। सपा ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए सरकार पर प्रशासन के राजनीतिक दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है।
जगदेव सिंह श्जग्गाश् ने कहा कि सोमवार तड़के करीब चार बजे से ही पुलिस उनके आवास के बाहर तैनात हो गई और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया गया। उनका आरोप है कि जिले भर में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी इसी तरह रोकने का प्रयास किया गया, जिससे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार का विरोध या जनसमस्याओं का मुद्दा सामने न आ सके।सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में अपनी उपलब्धियों और विकास कार्यों को लेकर आश्वस्त है तो उसे विपक्ष की आवाज से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां होती हैं, लेकिन जब विपक्ष को ही घरों में कैद कर दिया जाए तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है। किसानों की बदहाली, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, बिजली संकट, जर्जर सड़कें और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्ष को रोकना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
जगदेव सिंह ने कहा कि लोकतंत्र पुलिस के पहरे से नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से चलता है। यदि जनता की आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों को ही घरों में नजरबंद किया जाएगा तो संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सरकार आलोचना से घबराकर प्रशासन का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।
सपा जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि समाजवादी पार्टी अन्याय, दमन और लोकतांत्रिक अधिकारों के कथित हनन के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सत्ता चाहे जितना दबाव बनाए, समाजवादी कार्यकर्ता जनता की आवाज बुलंद करते रहेंगे और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और लोकतंत्र को कमजोर करने वाले हर कदम का जवाब समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से देगी। विपक्ष लोकतंत्र का दुश्मन नहीं बल्कि जनता की आवाज होता है। यदि उस आवाज को भी कुचलने का प्रयास किया जाएगा तो यह केवल विपक्ष का नहीं, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक ढांचे का अपमान माना जाएगा।
