लखनऊ स भारत की समृद्ध संत परंपरा के महान समाज सुधारक, संत कवि एवं मानवता के उपासक संत कबीर दास जी की जयंती के अवसर पर आज सितारा संस्था द्वारा बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय प्रतिष्ठान के तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज, लखनऊ में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को संत कबीर दास के जीवन-दर्शन, उनकी शिक्षाओं तथा सामाजिक समरसता के संदेश से परिचित कराना था।कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, समाजसेवियों, अधिवक्ताओं, मीडिया कर्मियों, सोशल मीडिया प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता कर संत कबीर दास के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया स दीप जलाकर उपस्थित सभी लोगों ने समाज में ज्ञान, सद्भाव और समानता के प्रकाश को फैलाने का संकल्प लिया।इसके पश्चात संत कबीर दास जी के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर संत कबीर के महान योगदान को स्मरण किया।कार्यक्रम में विद्यालय की ओर से नवनीत , मनोज , चंचल , राधिका एवं अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं की विशेष उपस्थिति रही। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संत कबीर दास के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया।कार्यक्रम में सितारा संस्था की ओर से संस्था की अध्यक्ष पूनम झा, कोषाध्यक्ष आर.सी. भट्ट एवं अमित भट्ट विशेष रूप से उपस्थित रहे।अपने संबोधन में अध्यक्ष पूनम झा ने कहा कि संत कबीर दास केवल एक कवि नहीं थे, बल्कि सामाजिक चेतना के महान प्रणेता थे। उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, भेदभाव और अंधविश्वास के विरुद्ध आवाज उठाई तथा प्रेम, समानता और मानवता का संदेश दिया।कोषाध्यक्ष आर.सी. भट्ट ने कहा कि आज के समय में संत कबीर के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों के रूप में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर अधिवक्ता गण, मीडिया कर्मी, सोशल मीडिया प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।संत कबीर दास के जीवन पर कार्यक्रम को रोचक एवं ज्ञानवर्धक बनाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।विद्यार्थियों ने संत कबीर दास के जीवन, उनके दोहों तथा सामाजिक संदेशों पर आधारित सुंदर चित्र बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भाषण प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने संत कबीर के जीवन, उनके साहित्य एवं सामाजिक योगदान पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने बताया कि किस प्रकार संत कबीर ने मानवता, समानता और प्रेम का संदेश दिया।डिबेट प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आधुनिक समाज में संत कबीर की शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे। संत कबीर दास के जीवन एवं उनके साहित्य से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे गए, जिनका उत्तर देकर विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान का परिचय दिया। इस प्रतियोगिता ने बच्चों में भारतीय संत परंपरा के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया।कार्यक्रम का सबसे आकर्षक एवं प्रेरणादायक भाग रहा कबीर के दोहों का स्मरण एवं प्रस्तुतीकरण। विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता के माध्यम से कबीर के प्रसिद्ध दोहों को प्रस्तुत किया।इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल जयंती मनाना नहीं था, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव, समानता और भाईचारे का संदेश देना भी था। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि संत कबीर की शिक्षाएं आज भी हमारे समाज को दिशा देने की क्षमता रखती हैं।
धन्यवाद ज्ञापनकार्यक्रम के अंत में संस्था एवं विद्यालय प्रशासन द्वारा सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सितारा संस्था एवं बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और समाज के लिए प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।
