लखनऊ । इनेरा क्रॉप साइंस और क्रॉपनेक्स्ट सॉल्यूशंस ने उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के किसानों तक विज्ञान-आधारित जैविक कृषि समाधान पहुँचाने के लिए बहु-वर्षीय रणनीतिक साझेदारी की है ।इस साझेदारी से लगभग 500 करोड़ रुपये का कारोबारी अवसर बनने का अनुमान है। इसका लक्ष्य 5,000 से अधिक चैनल पार्टनर्स और रिटेल आउटलेट्स के नेटवर्क के माध्यम से 65 लाख से अधिक किसानों तक पहुँचना है। इस पहल के तहत लगभग 20 लाख एकड़ खेती योग्य भूमि पर जैविक कृषि उत्पादों को अपनाने को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश को इस साझेदारी के तहत प्रमुख फोकस वाले राज्यों में शामिल किया गया है, क्योंकि यहां कृषि का मजबूत आधार है और धान, मक्का तथा सब्जियों जैसी फसलों की बड़े पैमाने पर खेती होती है। इस सहयोग के माध्यम से राज्य के किसानों को टिकाऊ कृषि समाधानों तक बेहतर पहुँच मिलने की उम्मीद है, जिससे फसल उत्पादन बढ़ाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना करने में मदद मिल सकेगी।यह साझेदारी एक बड़े उद्देश्य के साथ की गई है, ताकि छोटे किसानों की आय बढ़ाई जा सके, उन्हें जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिक सक्षम बनाया जा सके और उन्हें भविष्य की कृषि के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके।आज किसान खेती की बढ़ती लागत, मौसम के लगातार बदलते और अनिश्चित स्वरूप, मिट्टी की खराब होती गुणवत्ता, पानी की कमी और कीटों के बढ़ते प्रकोप जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ये सभी समस्याएं पूरे देश में खेती की उत्पादकता और किसानों की आय पर असर डाल रही हैं, जिससे टिकाऊ और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने वाले कृषि समाधानों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।विज्ञान-आधारित जैविक समाधान इन चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ये खेती में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों का बेहतर उपयोग करने, फसलों की बढ़वार और पैदावार सुधारने, मिट्टी की सेहत बेहतर बनाने और किसानों को अधिक टिकाऊ कृषि प्रणाली अपनाने में मदद कर सकते हैं।
इनेरा क्रॉप साइंस और क्रॉपनेक्स्ट सॉल्यूशंस के लिए सबसे बड़ा अवसर इन समाधानों को किसानों के लिए व्यावहारिक, आसानी से उपलब्ध और बड़े स्तर पर अपनाने योग्य बनाना है।जहाँ इनेरा क्रॉप साइंस विज्ञान-आधारित जैविक कृषि समाधानों का ऐसा पोर्टफोलियो लेकर आई है, जिसे मिट्टी की सेहत और फसल की मजबूती को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है, वहीं क्रॉपनेक्स्ट सॉल्यूशंस पूर्वी भारत में अपने व्यापक क्षेत्रीय वितरण नेटवर्क, रिटेलरों से जुड़ाव और किसानों तक मजबूत पहुँच के जरिए इस साझेदारी को मजबूती प्रदान करेगी।दोनों कंपनियों का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और किसानों के बीच उनकी वास्तविक पहुँच के अंतर को कम करना है। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को केवल उत्पाद ही नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन, जागरूकता और जमीनी स्तर पर जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।इस साझेदारी पर इनेरा क्रॉप साइंस के संस्थापक अगम खरे ने कहा, ष् जलवायु परिवर्तन का असर अब भारत के किसानों के खेतों में साफ दिखाई देने लगा है । बढ़ती गर्मी का दबाव, कीटों का बढ़ता प्रकोप और खेती की बढ़ती लागत किसानों के सामने बड़ी चुनौतियाँ बन चुकी हैं। इनेरा में हमारा मानना है कि विज्ञान-आधारित जैविक समाधान खेती को अधिक लाभदायक, मजबूत और पुनर्जीवित बना सकते हैं। क्रॉपनेक्स्ट के साथ यह साझेदारी हमारी इसी सोच को बड़े स्तर पर किसानों तक पहुँचाने का प्रयास है। हमारा बड़ा लक्ष्य भारत में पुनर्योजी कृषि आंदोलन की शुरुआत करना है।ष्क्रॉपनेक्स्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक अजीत सिंह चहल ने कहा, ष्क्रॉपनेक्स्ट ने पूर्वी भारत में एक मजबूत कृषि वैल्यू चेन इकोसिस्टम तैयार किया है। यह साझेदारी हमें अपने किसान समुदाय और चैनल नेटवर्क तक विज्ञान-आधारित जैविक कृषि उत्पादों का एक बेहतर पोर्टफोलियो पहुँचाने का अवसर देती है, जो आज की जरूरतों के साथ-साथ भविष्य की कृषि के लिए भी महत्वपूर्ण है।”यह साझेदारी केवल उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वी भारत में ऐसी टिकाऊ कृषि व्यवस्था को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम है, जहाँ किसानों की आय, फसलों की उत्पादकता और मिट्टी की सेहत, तीनों को साथ-साथ मजबूत किया जा सके।
