आगरा। उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (डीबीआरएयू), आगरा एवं डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र) के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध एवं अकादमिक विकास के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। कार्यक्रम में मराठवाड़ा विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. बीना सेंगर प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि डीबीआरएयू की ओर से कुलपति प्रो. आशु रानी एवं कुलसचिव अजय मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान प्रो. लवकुश मिश्रा और डॉ. नीलम यादव साक्षी के रूप में मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस साझेदारी से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान-विनिमय और शैक्षणिक उन्नयन के नए अवसर प्राप्त होंगे।
एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से कार्यशालाएं, संगोष्ठियां और सेमिनार आयोजित करेंगे। साथ ही शिक्षक एवं छात्र विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त शोध परियोजनाएं, शोध प्रकाशन, कौशल विकास कार्यक्रम तथा पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला संसाधनों के साझा उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त इंटर्नशिप, उद्योग-संस्थान सहयोग, पाठ्यक्रम विकास और विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण एजेंसियों से शोध अनुदान प्राप्त करने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।
यह समझौता प्रारंभिक रूप से पांच वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा तथा आपसी सहमति से इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकेगी।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि वर्तमान समय में ज्ञान, नवाचार और वैश्विक सहयोग ही उच्च शिक्षा की वास्तविक शक्ति हैं। यह साझेदारी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शोध अवसर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने में सहायक सिद्ध होगी।
शिक्षाविदों ने विश्वास जताया कि दोनों विश्वविद्यालयों के बीच स्थापित यह शैक्षणिक सहयोग भविष्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और शोध संस्कृति को नई दिशा देगा।
