हमेशा शांति के पक्ष में भारत, मानवता सर्वोपरि-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
June 18, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में खड़ा रहेगा और मानवता के मूल्यों को हर चीज से ऊपर रखेगा। फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-यूक्रेन संबंधों और आपसी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि हाल के वर्षों में भारत और यूक्रेन के बीच लगातार संवाद और सहयोग बढ़ा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच बढ़ा सहयोग दोनों देशों के रिश्तों के कई क्षेत्रों में दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूक्रेन इस बात पर सहमत हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को युद्ध से पहले के स्तर तक फिर से बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि भारत हमेशा शांति के साथ खड़ा रहेगा और मानवता के मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा।
भारत लगातार रूस-यूक्रेन युद्ध को बातचीत और कूटनीति के जरिए समाप्त करने की वकालत करता रहा है। नई दिल्ली का मानना है कि संघर्ष का समाधान संवाद के माध्यम से ही संभव है। वहीं, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश पहले से ही कई संयुक्त परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं और अब इन्हें और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई है।
जेलेंस्की ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी यूक्रेन के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों को आगे बढ़ाने में रुचि रखते हैं और मानते हैं कि यह साझेदारी दोनों देशों के लोगों को और मजबूत बना सकती है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र समेत कई ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिन्हें दोनों देश मिलकर आगे बढ़ा सकते हैं। इस दिशा में दोनों देशों की टीमें सभी पहलुओं पर विस्तार से काम करेंगी। PM मोदी और जेलेंस्की के बीच आखिरी सीधी बातचीत 30 अगस्त 2024 को हुई थी, जब यूक्रेनी राष्ट्रपति ने उन्हें फोन किया था।
जेलेंस्की के साथ उस बातचीत के 2 दिन बाद PM मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। इससे पहले जुलाई 2024 में मॉस्को यात्रा के दौरान मोदी ने पुतिन से कहा था कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं निकल सकता और बमों तथा गोलियों के बीच शांति स्थापित नहीं की जा सकती। इसके बाद अगस्त 2024 में PM मोदी ने यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा किया था। वहां उन्होंने जेलेंस्की से कहा था कि युद्ध समाप्त करने के लिए यूक्रेन और रूस को बिना समय गंवाए बातचीत की मेज पर आना चाहिए।
