पीलीभीत। जन कल्याण सुरक्षा संघ (जेकेएसएस) की मासिक बैठक रविवार को संगठन के जनसंपर्क कार्यालय, खपरैल गौटिया में आयोजित की गई। बैठक में संगठन की आगामी कार्ययोजना, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण तथा युवाओं की भागीदारी को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान ‘गांव की समस्या, गांव में समाधान’ चैपाल अभियान को अगले एक वर्ष तक और जारी रखने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रह्मपाल सिंह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक ताकत उसके युवा और महिलाएं होती हैं। यदि इन दोनों वर्गों को उचित अवसर, मार्गदर्शन और नेतृत्व मिले तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई इबारत लिखी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि आज भारतीय महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, खेल और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। वहीं युवा वर्ग देश की विकास यात्रा का प्रमुख आधार बनकर उभर रहा है। ऐसे में युवाओं को नैतिक शिक्षा, रोजगार और समाज सेवा से जोड़ना समय की मांग है।
बैठक में संगठन द्वारा एक जून 2024 से संचालित ‘गांव की समस्या, गांव में समाधान’ कार्यक्रम की समीक्षा भी की गई। बताया गया कि बीते एक वर्ष में अनेक गांवों में चैपालों का आयोजन कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में स्थानीय समस्याओं का समाधान कराया गया। हालांकि कुछ गांव अभी इस अभियान से नहीं जुड़ सके हैं और कई समस्याएं भी लंबित हैं।
इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए संगठन ने अभियान को अगले एक वर्ष तक जारी रखने का निर्णय लिया। इसके तहत शेष गांवों में भी चैपालें आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि अभियान को व्यापक स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्राचार के माध्यम से इस योजना के विस्तार का अनुरोध किया गया है।
बैठक के दौरान संगठन विस्तार पर भी चर्चा हुई तथा ओमकार ने सदस्यता ग्रहण कर संगठन से जुड़ने की घोषणा की। इस अवसर पर अमरजीत सिंह, कृष्ण पाल सिंह मिश्रा, बृजेश सिंह, पूनम देवी वर्मा, भूपाराम पासवान, कमला देवी पाल, ममता देवी, पूजा, प्रभुनाथ, जयवीर सिंह, काशीराम यादव, बबिता प्रजापति एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने समाज हित में निरंतर कार्य करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
