सोनिया गांधी ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल, राहुल गांधी का आया रिएक्शन, जानें
June 27, 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को विदेश नीति को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भारत इजरायल के रणनीतिक दायरे की ओर बढ़ रहा है, जबकि बाकी दुनिया उससे दूर हो रही है. कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के एक आर्टिकल का समर्थन करते हुए राहुल गांधी ने टिप्पणी की.
राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में सोनिया गांधी द्वारा लिखे गए संपादकीय का समर्थन किया. उन्होंने लिखा, 'अपने संपादकीय के जरिए कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भारत से अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को फिर से हासिल करने, मानवीय मूल्यों को बनाए रखने और गाजा के मुद्दे पर नैतिक स्पष्टता के साथ आवाज उठाने का आह्वान करती हैं.'
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत ऐसे समय में इजरायल के रणनीतिक दायरे (strategic orbit) के साथ खतरनाक रूप से जुड़ रहा है, जब दुनिया का एक बड़ा हिस्सा उससे दूरी बना रहा है. उन्होंने लिखा, "हम इजरायल के रणनीतिक दायरे में और गहरे धंसते जा रहे हैं, जबकि दुनिया उससे तेजी से दूर हो रही है. प्रधानमंत्री का इजरायल दौरा इतिहास में एक हैरान करने वाले रणनीतिक फैसले के तौर पर दर्ज होगा."
मानवीय पहलू पर जोर देते हुए उन्होंने लिखा, 'भारतीय राष्ट्रवाद की भावना यह मांग करती है कि हम अपने फिलिस्तीनी भाई-बहनों के पक्ष में आवाज उठाएं, जिनके बच्चों को इतनी बेरहमी से निशाना बनाया गया है.'
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में सोनिया गांधी के लेख का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे मौजूदा विदेश नीति की वजह से ईरान और मिडिल ईस्ट में अहम साझेदारों के बीच भारत ने अपनी पारंपरिक स्थिति खो दी है. उन्होंने कहा कि हम वैश्विक जनमत से भी दूर हो गए हैं.
खरगे ने लिखा कि सोनिया गांधी का लेख मोदी सरकार की उस चुप्पी और निष्क्रियता पर सवाल उठाता है जो फिलिस्तीनी भाई-बहनों के मामले में दिखाई दी है, जिनके बच्चों को बेरहमी से निशाना बनाया गया है. यह लेख इस बात की याद दिलाता है कि कैसे हमारी मौजूदा विदेश नीति ने फिलिस्तीन, ईरान और मध्य पूर्व में हमारे ऐतिहासिक सहयोगियों से हमें दूर कर दिया है. हम वैश्विक जनमत से भी दूर हो गए हैं. कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने लेख में गाजा और वेस्ट बैंक में चल रहे मानवीय संकट पर मोदी सरकार के रुख पर गंभीर सवाल उठाए हैं
