प्रतापगढ़। नगर से सटे पूरे ईश्वर नाथ में बाल कवयित्री सानवी त्रिपाठी के चतुर्थ जन्मोत्सव के पावन अवसर पर आज शाम 4रू30 बजे से एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया है। इस गरिमामयी आयोजन में क्षेत्र के कई गणमान्य साहित्यकार और प्रबुद्ध जन जुटेंगे।
अपनी विलक्षण प्रतिभा के धनी सानवी त्रिपाठी ने इतनी कम उम्र में ही गाजियाबाद एवं ब्रजभाषा काव्य मंच (आगरा) जैसे प्रतिष्ठित और बड़े काव्य मंचों पर अपनी धमाकेदार काव्य प्रस्तुति देकर जनपद का गौरव बढ़ाया है। सानवी में श्होनहार बिरवान के होत चीकने पातश् का लक्षण मात्र दो वर्ष की आयु से ही दिखाई पड़ने लगा था। उनके द्वारा रचित ष्मेरी प्यारी दादी हैष् नामक कविता उनकी स्वयं की गढ़ी हुई एक बेहद लोकप्रिय रचना है।
साहित्य और कला सानवी को विरासत में मिली है। अपने दादा प्रेम कुमार त्रिपाठी तथा बुआ ज्योति की साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सानवी पूरी तरह से उद्यत एवं बेताब हैं।
सानवी की एक विशेषता यह भी है कि उन्हें बेजुबान जानवरों से विशेष स्नेह है। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए, उनके चतुर्थ जन्मदिन के इस शुभ अवसर पर बेजुबान जानवरों के लिए विशेष रूप से श्पेट पूजनश् (भोजन) का इंतजाम भी किया गया है।
जनपद के वरिष्ठ कथाकार प्रेम कुमार त्रिपाठी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जन्मोत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और यह शाम साहित्य, संवेदना और आत्मीयता के अनूठे संगम की गवाह बनेगी।
