लखनऊः मुरलीधर आहूजा एमएसएमई प्रणेता सम्मान से सम्मानित! एमएसएमई देश में रोजगार का दूसरा बड़ा साधन - अमित गुप्ता
June 27, 2026
लखनऊ। एमएसएमई, यह भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो जीडीपी में बड़ा योगदान देने के साथ-साथ करोड़ों लोगों को रोजगार प्रदान करती है। यह क्षेत्र देश की जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत और निर्यात में 40 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। यह कृषि के बाद देश में रोजगार का दूसरा सबसे बड़ा साधन है। यह बात आज होटल रेनेसा में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के तत्वावधान में विश्व एमएसएमई दिवस के अवसर पर आयोजित उद्योग संवाद और सम्मान समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कही।उन्होंने आगे कहा कि एमएसएमई देश का जीडीपी में 32 प्रतिशत योगदान देता है, रोजगार में 43 प्रतिशत योगदान करता है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग एक लाख से ज्यादा एमएसएमई यूनिट है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की, कि एमएसएमई की लैंडिंग भारत सरकार की तरह उत्तर प्रदेश सरकार भी करे, तमिलनाडु सरकार ने यह पहल की है।उन्होंने आगे कहा कि आज जरूरत स्किल्ड वर्कर्स की है, आज शिक्षा का दायरा तो बढ़ा है लेकिन आवश्यकतानुसार स्किल्ड युवाओं की संख्या काफी कम है, इसलिए शिक्षा के साथ स्किल्ड डेवलपमेंट को बढ़ावा देना भी जरूरी है, क्योंकि काफी योजनाएं आरम्भ तो हो जाती हैं, लेकिन स्किल्ड वर्कर्स न मिलने पर योजनाएं ठप हो जाती हैं। गजेंद्र शर्मा ने कहा कि एमएसएमई की विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से व्यापारी लाभान्वित हो रहे हैं।समारोह में अमित गुप्ता और अनीता अग्रवाल ने मुरलीधर आहूजा को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर एमएसएमई प्रणेता सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर मनीष अग्रवाल प्रदेश अध्यक्ष, अनीता अग्रवाल राष्ट्रीय अध्यक्षा महिला विंग, गजेंद्र शर्मा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, जगत नारायण अग्रवाल प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री, आलोक आर्या प्रदेश महामंत्री (संगठन) ,रविन्द्र जायसवाल प्रदेश महामंत्री, देवेन्द्र अग्रवाल प्रदेश मंत्री एवं मनीष भटियानी महानगर अध्यक्ष सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए व्यापारी उपस्थित थे।
