पीलीभीत। ज्येष्ठ माह के पावन बड़े मंगलवार के अवसर पर भारतीय योग संस्थान द्वारा श्रद्धालुओं, राहगीरों एवं आमजन की सेवा के उद्देश्य से मीठे शीतल जल का शिविर आयोजित किया गया। भीषण गर्मी के बीच लगाए गए इस सेवा शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने मीठा जल ग्रहण कर राहत महसूस की। संस्थान के सदस्यों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ लोगों को जल वितरण कर सेवा भाव का परिचय दिया।
कार्यक्रम की विशेष विशेषता यह रही कि ष्स्वच्छता की पाठशालाष् के सहयोग से प्लास्टिक के डिस्पोजेबल गिलासों के स्थान पर स्टील के गिलास उपलब्ध कराए गए। इस सराहनीय पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना था। आयोजकों ने बताया कि यदि सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में प्लास्टिक के बजाय पुनः उपयोग किए जाने वाले बर्तनों का प्रयोग किया जाए तो पर्यावरण प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
शिविर में आने वाले लोगों ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। स्टील के गिलासों के उपयोग से न केवल स्वच्छता को बढ़ावा मिला बल्कि धरती माता को प्लास्टिक कचरे के बढ़ते बोझ से राहत पहुंचाने का भी सार्थक प्रयास किया गया।भारतीय योग संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था केवल योग और स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण तथा जनसेवा के कार्यों में भी सक्रिय रूप से सहभागिता निभाती रही है। बड़े मंगलवार के अवसर पर आयोजित यह सेवा शिविर मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संगम बनकर सामने आया।कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रमुख साधकों में संजय अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, निर्मला धमीजा सहित अनेक सदस्य एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी ने सेवा कार्य में सक्रिय योगदान देते हुए आने-जाने वाले लोगों को मीठा जल वितरित किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।शिविर के समापन पर आयोजकों ने समाज से अपील की कि जल संरक्षण, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त वातावरण के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए छोटे-छोटे प्रयास करने चाहिए। ऐसे सामूहिक प्रयास ही स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
