पीलीभीत। बिलसंडा के चर्चित कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता हत्याकांड में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य शूटर सुमित सागर को देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। व्यापारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या से पूरे क्षेत्र में फैले आक्रोश के बीच पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और अब तक चार शूटरों समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हत्याकांड की साजिश की परतें एक-एक कर खुलती जा रही हैं।पुलिस के अनुसार शाहजहांपुर के खिरनीबाग मोहल्ले निवासी मुख्य शूटर सुमित सागर अपनी रिश्तेदारी दियोरिया कला से वापस लौट रहा था। पुलिस को उसके आने की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद भीकमपुर से कनपरा जाने वाली सड़क पर देर रात घेराबंदी की गई। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो उसने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।अचानक हुई गोलीबारी में थाना प्रभारी के सिपाही गुरुमीत सिंह गोली लगने से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में मुख्य शूटर सुमित सागर के पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही दबोच लिया गया। देर रात घायल पुलिसकर्मी और आरोपी को बीसलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।इससे पहले शनिवार सुबह भी पुलिस ने सुहेला भट्टा के पास हुई मुठभेड़ में लक्की मौर्य को गिरफ्तार किया था। वहीं देर रात कैचुआ गांव के पास चेकिंग के दौरान शाहजहांपुर के चमकनी करबला निवासी शिव और अंटा करबला निवासी कुनाल को भी दबोच लिया गया। पुलिस के अनुसार ये तीनों भी हत्या की वारदात में शामिल शूटर थे और पूछताछ में उन्होंने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। तीनों के पैरों में मुठभेड़ के दौरान गोली लगी थी।इस कार्रवाई के दौरान ईंटगांव पुलिस चैकी के दीवान सुनील कुमार और बिलसंडा थाने के सिपाही जियाउल हक भी घायल हुए थे। सभी घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस अब तक चार शूटरों समेत तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार नामजद आरोपियों में पंकज कटियार के ससुर रमेशचंद्र कटियार और उनके बेटे विनीत व सीतेश शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि हत्याकांड की साजिश काफी पहले से रची गई थी और शूटरों को बाकायदा जिम्मेदारी सौंपकर वारदात को अंजाम दिलाया गया।
गौरतलब है कि इस मामले में सात नामजद और आठ अज्ञात समेत लगभग पंद्रह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। नामजद आरोपियों में रमेशचंद्र कटियार, विमल, सीतेश, संजय, रामनाथ राठौर, सुमित राठौर और सीताराम के नाम शामिल हैं।
वादी पंकज कटियार ने पुलिस को बताया था कि वह अपने भाई श्यामसुंदर की दुकान पर मित्र पप्पू गुप्ता के साथ बैठा था। उसी दौरान हथियारों से लैस आठ हमलावर वहां पहुंचे और उस पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने तमंचे की बट से उसके सिर पर वार किया। जब पप्पू गुप्ता अपने मित्र को बचाने के लिए आगे आए तो हमलावरों ने उनके सीने में गोली मार दी। गोली लगने से व्यापारी पप्पू गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई।
इस जघन्य हत्या के बाद पूरे बिलसंडा क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। व्यापारियों ने बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया था और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
पंकज कटियार का आरोप है कि उसकी ससुराल पक्ष से लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी और उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं। इसी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई।
हालांकि पुलिस अब मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। नामजद किए गए कुछ स्थानीय लोगों को लेकर यह तथ्य भी सामने आया है कि उनके परिवार की एक युवती को ले जाने के मामले में पंकज कटियार के खिलाफ पहले मुकदमा दर्ज कराया गया था। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों के नाम घटना में शामिल तो नहीं कराए गए।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार शूटरों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। हत्या की पूरी साजिश, शूटरों की भूमिका, भुगतान और संपर्क सूत्रों की जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
व्यापारी पप्पू गुप्ता हत्याकांड में जिस तेजी से पुलिस कार्रवाई कर रही है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। पूरे जनपद की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आखिर इस खूनी साजिश के पीछे कौन-कौन चेहरे हैं और कानून का शिकंजा उन तक कब पहुंचता है।
