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रुद्रपुर: नैनीताल में ‘बाहरी’ गाइडों को लाइसेंस देने पर उठे सवाल, स्थानीय युवाओं के रोजगार पर संकट!नगर पालिका ईओ रोहिताश शर्मा की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में


रूद्रपुर। नैनीताल देश-दुनिया में अपनी खूबसूरती और पर्यटन के लिए अलग पहचान रखने वाली सरोवर नगरी नैनीताल में अब स्थानीय रोजगार से जुड़ा मुद्दा गर्माने लगा है। पर्यटन कारोबार पर निर्भर रहने वाले स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि नैनीताल में गाइड लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं के हितों की अनदेखी की जा रही है और बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों को मौका दिया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा के कार्यकाल में गाइड लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। उनका कहना है कि नैनीताल के कई स्थानीय युवा वर्षों से पर्यटन कारोबार से जुड़े हुए हैं और गाइडिंग के माध्यम से अपना परिवार चलाते हैं, लेकिन लाइसेंस वितरण में उन्हें अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही।

आरोप लगाया जा रहा है कि केवल खानापूर्ति के लिए कुछ स्थानीय लोगों के लाइसेंस बनाए गए, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को गाइडिंग की अनुमति दी गई जो नैनीताल के स्थायी निवासी नहीं हैं।

स्थानीय लोगों का दावा है कि मुरादाबाद, स्वार, रामपुर और आसपास के अन्य बाहरी क्षेत्रों से आने वाले कई लोग पर्यटन सीजन के दौरान नैनीताल पहुंचते हैं। सीजन में पर्यटकों से कमाई करने के बाद ये लोग वापस अपने क्षेत्रों में लौट जाते हैं, जबकि नैनीताल के स्थानीय युवा पूरे वर्ष रोजगार की चुनौती से जूझते रहते हैं।

लोगों का कहना है कि पर्यटन नगरी में रोजगार के सीमित अवसर हैं। होटल, टैक्सी, नाव संचालन और गाइडिंग जैसे कार्य ही स्थानीय परिवारों की आजीविका का बड़ा सहारा हैं। ऐसे में यदि इन अवसरों में भी बाहरी लोगों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय युवाओं के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर गाइड लाइसेंस जारी करने से पहले स्थानीयता, अनुभव और पात्रता की जांच किस स्तर पर की गई? क्या नगर पालिका के पास इसका पूरा रिकॉर्ड मौजूद है कि अब तक कितने लाइसेंस नैनीताल के स्थानीय लोगों को और कितने बाहरी क्षेत्रों के लोगों को दिए गए?

इस पूरे मामले के बाद अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चाओं में आ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका को लाइसेंस प्रक्रिया सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि रोजगार के अवसरों का लाभ वास्तव में स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं।

हालांकि इन आरोपों पर ईओ रोहिताश शर्मा का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।लेकिन बड़ा सवाल यही है कि पर्यटन से चलने वाले शहर में अगर स्थानीय युवाओं को ही अपने रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़े तो जिम्मेदारी किसकी है?

अगली किश्त में पढ़िए...

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