दिल्ली के किसानों को बड़ी राहत, फसल नुकसान पर मुआवजा 50% बढ़ा
June 02, 2026
दिल्ली में पिछले साल भारी बारिश और जलभराव से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है. दिल्ली सरकार ने प्रभावित किसानों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में 50 फीसदी की बढ़ोतरी का फैसला किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में लिए गए इस निर्णय को कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है. नई व्यवस्था के तहत किसानों को अब पहले की तुलना में अधिक मुआवजा मिलेगा.
सरकार ने अगस्त और सितंबर 2025 के दौरान अत्यधिक बारिश और जलभराव से प्रभावित किसानों को 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत राशि देने का फैसला किया है. इससे पहले फसल नुकसान पर 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता प्रदान की जाती थी. नई दरें लागू होने के बाद किसानों को प्रति एकड़ 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2015 से लागू सहायता राशि लंबे समय से अपरिवर्तित थी. उस समय फसल क्षति पर 20 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाता था. खेती की बढ़ती लागत और किसानों की मौजूदा जरूरतों को देखते हुए सरकार ने सहायता राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का निर्णय लिया है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष भारी बारिश और नालों के उफान के कारण दिल्ली के कई कृषि क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई थी. इससे लगभग 10 हजार किसान प्रभावित हुए थे. सरकार का दावा है कि नई सहायता दर लागू होने से इन सभी किसानों को सीधे तौर पर राहत मिलेगी.
बारिश और जलभराव की वजह से दिल्ली में लगभग 10,977 एकड़ से अधिक कृषि भूमि की फसल प्रभावित हुई थी. प्रभावित क्षेत्र का दायरा करीब 4,442 हेक्टेयर तक पहुंच गया था. नई दरों के अनुसार मुआवजा भुगतान किए जाने पर सरकार के खजाने पर लगभग 33.23 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
सरकार का कहना है कि बीते एक दशक में खेती की लागत में लगातार वृद्धि हुई है. बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों पर खर्च बढ़ने से किसानों की आर्थिक चुनौतियां भी बढ़ी हैं. इसी पृष्ठभूमि में राहत राशि बढ़ाने का फैसला लिया गया ताकि नुकसान की स्थिति में किसानों को बेहतर आर्थिक सहारा मिल सके.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सहायता केवल उन किसानों के लिए होगी जिनकी फसलें प्राकृतिक कारणों से हुई भारी बारिश और जलभराव की वजह से खराब हुई हैं. कंपनियों के स्वामित्व वाली कृषि भूमि, ग्राम सभा की जमीन तथा पक्की चारदीवारी से घिरे फार्म हाउस इस राहत योजना के दायरे से बाहर रहेंगे.
