यूपी में बिजली संकट के बीच एक और झटका! UPPCL ने बढ़ाया 10% ईंधन अधिभार शुल्क, जून में होगी वसूली
May 30, 2026
उत्तर प्रदेश में बिजली संकट के बीच उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, UPPCL ने 10 फीसदी ईंधन अधिभार शुल्क बढ़ा दिया है। यह अब तक का बढ़ा हुआ सर्वाधिक ईंधन अधिभार शुल्क है। इसकी वसूली जून के बिजली बिल में उपभोक्ताओं से की जाएगी। UPPCL का कहना है कि बिजली के रेट नहीं बढ़े हैं। केवल जून का बिल बढ़ा है। जानें बिजली के बिल में ईंधन अधिभार शुल्क बढ़ने से कितना इजाफा होगा।
बता दें कि 10 प्रतिशत बढ़े हुए ईंधन अधिभार शुल्क की जून में वसूली होगी। इसकी वजह से बिजली उपभोक्ता को प्रति 100 रुपये के बिल पर 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। अगर आपका बिजली बिल पहले 1000 रुपये आता था तो अब वो 100 रुपये एक्स्ट्रा यानी 1100 रुपये आएगा। सूत्रों के मुताबिक, UPPCL आगामी माह में भी ईंधन अधिभार शुल्क बढ़ा सकता है।
गौरतलब है कि ये शुल्क हर महीने के बिल में जुड़कर आता है। इस बार यह 10 प्रतिशत बढ़कर आएगा। UPPCL की तरफ से बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, पहले ये 1 से 2 प्रतिशत रहता था, जिसे बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
ईंधन अधिभार शुल्क यानी Fuel Surcharge Adjustment बिजली के प्रोडक्शन की लागत में आने वाले उतार-चढ़ाव को एडजस्ट करने के लिए होता है। जब बिजली के प्रोडक्शन में उपयोग होने वाले कोयले या अन्य ईंधन के दाम बढ़ जाते हैं या बिजली को खरीदने की लागत बढ़ जाती है, तो उसका कुछ भार बिजली के उपभोक्ताओं पर भी इस शुल्क के जरिए डाला जाता है। यही कारण है कि बिजली की मूल दरें स्थिर हैं, लेकिन इसके बावजूद जून के बिल में कुल राशि बढ़कर आएगी।
UPPCL के इस निर्णय का प्रभाव सबसे ज्यादा घरेलू, व्यावसायिक और छोटे एवं कुटीर उद्योगों के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। विशेष तौर पर ऐसे वक्त में जब भयानक गर्मी की वजह से बिजली की खपत पहले से बढ़ी हुई है। एसी, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के ज्यादा इस्तेमाल के चलते लोगों के बिजली बिल पहले ही बढ़े हुए हैं। इस बीच, ईंधन अधिभार शुल्क में 10 फीसदी का इजाफा बिजली उपभोक्ताओं के मंथली बजट पर दबाव डाल सकता है।

