सोनभद्र। हमारे ग्राम पंचायत कोटा में लंबे समय से कई मूलभूत एवं गंभीर समस्याएं व्याप्त हैं, जिनके कारण आम जनजीवन अत्यंत प्रभावित हो रहा है। समस्याओं का संज्ञान लेते हुए स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने की कृपा करें।
स्मार्ट/प्रीपेड विद्युत मीटर की समस्या आदिवासी एवं अति पिछड़ा जिला है, जहाँ आदिवासी समाज की संख्या अधिक है। ग्राम पंचायत कोटा में लगभग 60 प्रतिशत आबादी आदिवासी वर्ग की है, जो आर्थिक एवं शैक्षिक दृष्टि से अत्यंत कमजोर है। ऐसे में आदिवासी समाज सहित समस्त ग्रामीण जनता स्मार्ट/प्रीपेड मीटर जैसी जटिल व्यवस्थाओं को समझने एवं वहन करने में असमर्थ हो रही है। विद्युत विभाग द्वारा लगाए गए ये स्मार्ट एवं प्रीपेड मीटर आम जनता के लिए गंभीर समस्या बन गए हैं। अत्यधिक बिलिंग, तकनीकी त्रुटियां एवं पारदर्शिता के अभाव के कारण गरीब, आदिवासी एवं अन्य सभी वर्गों के लोग अत्यंत परेशान हैं। शिकायतों के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। साथ ही यह अत्यंत विडंबनापूर्ण है कि जनपद सोनभद्र, जो प्रदेश में विद्युत उत्पादन का प्रमुख केंद्र है, वहीं आज भी ग्रामसभा के कई टोले विद्युत सुविधा से वंचित हैं। यह स्थिति अपने आप में जनपद के विकास पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है तथा "दीपक तले अंधेरा" बाली कहावत को चरितार्थ करती है। उक्त मार्ग खनिज न्यास निधि से बनकर अधूरा की स्थिति में अत्यंत खराब अवस्था में पड़ी है. जिससे आएदिन दुर्घटनाएं होती हैं और आवागमन में भारी कठिनाई होती है। विशेष रूप से छठ पर्व के दौरान माताओं एवं बहनों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आदिवासी ग्रामीणों को भ्रमित कर उनकी जमीनें अत्यंत कम मूल्य पर खरीदी जा रही हैं। यह स्थिति गंभीर जांच एवं सख्त कार्रवाई की अपेक्षा करती है। इस मौके पर दीपु शर्मा,अतीश कुमार,कन्हैयालाल ,शिव प्रशाद,सजंय कुमार मौजूद रहे।
