संग्रामपुर: शिवपुराण कथा के चौथे दिन सुनाई गई सती विवाह व पार्वती जन्म की कथा, उमड़े श्रद्धालु
May 30, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। संग्रामपुर ब्लाक के ग्राम सभा दादा का तारा मजरे बड़गांव में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के चैथे दिन कथा व्यास शुभम जी महाराज ने सती विवाह और माता पार्वती के जन्म की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर पंडाल में मौजूद सैकड़ों श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।कथा व्यास शुभम जी महाराज ने बताया कि दक्ष प्रजापति की पुत्री सती ने कठोर तप करके भगवान शिव को पति रूप में पाया। विवाह के बाद भी दक्ष ने शिव का अपमान किया, जिससे दुखी होकर माता सती ने यज्ञ कुंड में अपने प्राण त्याग दिए। कथा के दौरान सती-शिव विवाह की झांकी सजाई गई, जिस पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की। कथा व्यास ने आगे बताया कि सती ने ही अगले जन्म में हिमालयराज के घर माता मैना की कोख से पार्वती रूप में जन्म लिया। बचपन से ही माता पार्वती शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप करने लगीं। उन्होंने कहा कि बिना तप और त्याग के भगवान को पाना संभव नहीं है। माता पार्वती के जन्म का प्रसंग सुनते ही पंडाल ष्जय माता दी और हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। कथा के मुख्य यजमान अमर सिंह ने पत्नी संग व्यास पूजन कर आरती उतारी। उन्होंने कहा कि शिवपुराण की कथा सुनने से मन को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। कथा स्थल पर महिलाओं ने भजनों पर नृत्य कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। आयोजकों ने बताया कि बड़गांव में श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन 7 दिन तक चलेगा। रोजाना दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक कथा हो रही है। अंतिम दिन पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
