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पीलीभीत: कब्जों पर खौल उठा रालोद, पालिका पर गंभीर आरोप,रामस्वरूप पार्क से लेकर नालों तक अतिक्रमण का जाल! भूमाफियाओं पर कार्रवाई न हुई तो सड़क पर उतरेगा आंदोलन,रमा गार्डन बारात घर का नाले पर कब्जे का आरोप


पीलीभीत। शहर में अवैध कब्जों, नालों पर अतिक्रमण और नगर पालिका प्रशासन की कथित मिलीभगत को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय लोक दल कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पार्टी नेताओं ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर रामस्वरूप पार्क क्षेत्र, स्टेशन रोड और शहर के प्रमुख नालों पर हो रहे अवैध कब्जों के खिलाफ तत्काल बुलडोजर कार्रवाई की मांग उठाई। ज्ञापन में नगर पालिका परिषद के नुजूल प्रभारी संतोष सक्सेना पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनकी संपत्ति की जांच कराने की भी मांग की गई।

रालोद नेताओं ने आरोप लगाया कि रामस्वरूप पार्क के बराबर स्थित सड़क के दोनों ओर स्थायी दुकानें, फड़ और अवैध निर्माण कर कब्जा कर लिया गया है। स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों द्वारा कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। नेताओं का कहना था कि जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में कब्जा हटाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कथित रूप से अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देकर सरकारी आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नुजूल प्रभारी संतोष सक्सेना पर अतिक्रमणकारियों से हर माह मोटी रकम वसूलने के आरोप लगातार लग रहे हैं। रालोद नेताओं का कहना है कि कई दुकानदारों ने सड़क तक कब्जा कर लिया है और आगे फड़ लगवाकर किराया वसूला जा रहा है, जिससे आम लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। इतना ही नहीं, कई अवैध दुकानों में बिजली चोरी कर कनेक्शन चलाए जा रहे हैं। कहीं सड़क पार तार डालकर बिजली ली जा रही है तो कहीं कटिया डालकर अवैध रूप से दुकानें संचालित हो रही हैं।रालोद ने शहर की बदहाल जल निकासी व्यवस्था को भी अवैध कब्जों से जोड़ते हुए प्रशासन पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने कहा कि  शहर हर वर्ष मामूली बारिश में भी जलभराव की त्रासदी झेलता है, जिसका मुख्य कारण नालों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण हैं। स्टेशन रोड स्थित विशाल टाकीज के बराबर बड़े नाले पर कब्जा कर उसकी चैड़ाई कम कर दी गई है। आरोप लगाया गया कि नाले के ऊपर तक निर्माण करा दिए गए हैं और रमा गार्डन बारात घर के मालिकों द्वारा भी नाले की भूमि पर कब्जा किया गया है।

ज्ञापन में कहा गया कि नालों की नियमित सफाई न होने और उनकी चैड़ाई घटा दिए जाने से बरसात में पूरा शहर जलमग्न हो जाता है। दुकानों और घरों में पानी भरने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और आम जनता का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। नेताओं ने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों की सांठगांठ से सरकारी भूमि और नालों पर लगातार कब्जे हो रहे हैं, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।

राष्ट्रीय लोक दल ने मांग की कि रामस्वरूप पार्क वाली गली से स्थायी अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए और कब्जाधारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही नगर पालिका के उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो जो प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। ज्ञापन में संतोष सक्सेना की संपत्ति की जांच कराने तथा भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।रालोद नेताओं ने यह भी मांग की कि विशाल टाकीज के पास नाले की पैमाइश कराकर उसे पुनः चैड़ा और खुला कराया जाए। नाले के ऊपर हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाए तथा शहर के सभी प्रमुख नालों की  सफाई तत्काल कराई जाए। ज्ञापन में भूमाफिया अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा गया कि जो लोग नालों और नुजूल भूमि पर निजी स्वामित्व का दावा कर रहे हैं, उनके दस्तावेज सार्वजनिक कर सत्यापन कराया जाए।ज्ञापन सौंपने के दौरान कार्यकर्ताओं और स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश दिखाई दिया। रालोद पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार की मंशा के विपरीत भूमाफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध कब्जों पर बुलडोजर नहीं चला तो आगामी मानसून में एक बार फिर पूरा शहर जलभराव और अव्यवस्था की चपेट में आ जाएगा।ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष समेत गुलाब सिंह, श्री कृष्ण, नसीम ,रामचंद्र सुनील ,गुड्डू ,शंभू ,अमन सहित सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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